Maharashtra News: महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारियों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और एनडीए के नेताओं ने राज्य सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया, जबकि विपक्षी नेताओं ने यूसीसी का मसौदा पहले जनता के सामने लाने की मांग की है।
भाजपा ने फैसले को बताया ऐतिहासिक
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकारें हैं, वहां महिला और लैंगिक सशक्तिकरण के लिए यूसीसी लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस महिला हितों के लिए लगातार काम कर रहे हैं और महाराष्ट्र सरकार का फैसला इसी सोच का हिस्सा है।
Maharashtra News: ‘संविधान और न्यायालय भी यूसीसी के पक्ष में’
पूनावाला ने कहा कि यूसीसी भाजपा की प्रतिबद्धता है और संविधान के साथ-साथ उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय भी इसकी आवश्यकता पर जोर दे चुके हैं। उन्होंने उत्तराखंड, असम, गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।
विपक्ष पर लगाया वोट बैंक की राजनीति का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो कांग्रेस कभी यूसीसी की समर्थक थी, वही आज वोट बैंक की राजनीति के चलते इसका विरोध कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल महिला हितों की अनदेखी कर रहे हैं।
Maharashtra News: जेडीयू ने सामाजिक सद्भाव पर दिया जोर
जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि समान नागरिक संहिता पर उनकी पार्टी का रुख स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना सभी को विश्वास में लेकर ही ऐसे फैसले लागू किए जाने चाहिए, हालांकि राज्य सरकार को अपने निर्णय लेने का अधिकार है।
कांग्रेस नेता ने भी जताया समर्थन
कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने कहा कि उन्हें यूसीसी से कोई आपत्ति नहीं है और बहुविवाह जैसी प्रथाओं का वह पहले से विरोध करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान और समान अधिकार मिलना चाहिए। हालांकि उन्होंने मांग की कि यूसीसी का ड्राफ्ट पहले सार्वजनिक किया जाए ताकि जनता और विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए जा सकें।
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