Bareilly DM: उत्तर प्रदेश के बरेली में सरकारी कर्मचारियों की कार्यकुशलता को लेकर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सख्त कार्रवाई की है। मीरगंज तहसील में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात रेहान खान को निर्धारित कंप्यूटर टाइपिंग दक्षता पूरी नहीं करने पर पदावनत कर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर भेज दिया गया है। कर्मचारी को टाइपिंग टेस्ट पास करने के लिए तीन अवसर दिए गए थे, लेकिन वह तीनों बार निर्धारित मानक पूरा नहीं कर सके। इसके बाद प्रशासन ने शासन के निर्देशों के तहत कार्रवाई की।
2021 में मिली थी नौकरी, टाइपिंग बनी चुनौती
रेहान खान को वर्ष 2021 में मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी मिली थी। वह मीरगंज तहसील में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत थे। इस पद के लिए निर्धारित कंप्यूटर टाइपिंग दक्षता जरूरी है। प्रशासन के मुताबिक उन्हें अपनी टाइपिंग सुधारने और निर्धारित मानक हासिल करने के लिए तीन मौके दिए गए। हालांकि, तीनों अवसरों में वह टेस्ट पास नहीं कर सके। इसके बाद जिलाधिकारी ने उन्हें कनिष्ठ सहायक के पद से हटाकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात करने का आदेश दिया।
Bareilly DM: तीन कर्मचारियों को मिला आखिरी मौका
इसी मामले में टाइपिंग दक्षता पूरी नहीं करने वाले तीन अन्य कर्मचारियों को फिलहाल राहत दी गई है। कंचित चौधरी, राहुल कुमार और लक्ष्मी सक्सेना को निर्धारित टाइपिंग मानक पूरा करने के लिए दो महीने का अंतिम अवसर दिया गया है। इस अवधि में उन्हें कंप्यूटर टाइपिंग का अभ्यास कर निर्धारित परीक्षा पास करनी होगी। अगर तय समय में वे मानक पूरा नहीं कर पाते हैं तो शासनादेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व वसूली के मामले में भी कार्रवाई
डीएम ने एक अन्य मामले में भी सख्त कार्रवाई की है। फरीदपुर में कनिष्ठ सहायक रहे अंशु वर्मा पर अमीनों से प्राप्त राजस्व वसूली की रकम सरकारी खाते में जमा करने के बजाय निजी खाते में डालने और उसका इस्तेमाल करने का आरोप था। यह मामला 2015-16 का बताया गया है। पहले भी उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद मामला ट्रिब्यूनल पहुंचा। ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद एडीएम सिटी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने दोबारा जांच की। अधिकारियों के अनुसार जांच में आरोप सिद्ध पाए गए, जिसके आधार पर डीएम ने उनकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि सरकारी सेवा में निर्धारित दक्षता और कार्य मानकों का पालन जरूरी है। प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को प्राथमिकता दी जा रही है। निर्धारित अवसरों के बावजूद मानक पूरा नहीं करने और भ्रष्टाचार के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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