Tata Sons Chairman: टाटा संस के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर फिर से नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को मुंबई में हुई बोर्ड मीटिंग में उनके तीसरे पांच साल के कार्यकाल को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही चंद्रशेखरन फरवरी 2032 तक टाटा संस के चेयरमैन पद पर बने रह सकते हैं। खास बात यह है कि पिछले महीने चंद्रशेखरन ने तीसरा कार्यकाल लेने में अनिच्छा जताई थी। हालांकि, बोर्ड के अनुरोध के बाद उन्होंने अपने फैसले पर दोबारा विचार किया और अब नई नियुक्ति को स्वीकार कर लिया है।
Tata Sons Chairman: बोर्ड ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल पर क्या फैसला लिया-
टाटा संस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया जुलाई 2025 से चल रही थी। सर्वसम्मति नहीं बनने के कारण यह मामला आगे नहीं बढ़ पाया था। अगस्त में चंद्रशेखरन ने तीसरा कार्यकाल नहीं लेने की इच्छा जताई थी। इसके बाद बोर्ड ने उनसे अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया। गुरुवार को हुई बोर्ड मीटिंग में चंद्रशेखरन ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
Tata Sons Chairman: लिस्टिंग को लेकर भी बोर्ड की मंजूरी-
बोर्ड मीटिंग में टाटा संस की लिस्टिंग को भी मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। इसका मतलब है कि कंपनी अब IPO लाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर RBI से जुड़े घटनाक्रम भी अहम हैं। RBI ने पिछले सप्ताह टाटा संस की NBFC रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद कंपनी की संभावित स्टॉक मार्केट लिस्टिंग को लेकर चर्चा फिर तेज हुई है।
लीडरशिप में निरंतरता को बताया गया अहम-
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, बोर्ड में चंद्रशेखरन को तीसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए फिर नियुक्त करने के पक्ष में वोट हुआ। सूत्रों के अनुसार, बोर्ड के सदस्यों का मानना था कि लीडरशिप में निरंतरता से संभावित IPO से पहले निवेशकों को भरोसा मिल सकता है। कंपनी की लिस्टिंग की प्रक्रिया के दौरान मैनेजमेंट में स्थिरता को एक महत्वपूर्ण पहलू माना जा सकता है। चंद्रशेखरन के कार्यकाल को बढ़ाने का प्रस्ताव बहुमत से पास होने की जानकारी भी सामने आई है।
फरवरी 2027 में खत्म होना था मौजूदा कार्यकाल-
एन चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक है। अब नए कार्यकाल की मंजूरी के बाद वह फरवरी 2032 तक टाटा संस के चेयरमैन पद पर बने रह सकते हैं। चंद्रशेखरन वर्ष 1987 में टाटा ग्रुप से जुड़े थे। इसके बाद 2009 में उन्होंने TCS के CEO की जिम्मेदारी संभाली और 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने।
यह भी पढ़े- ‘तमिलनाडु की धरती पर हिंदी की पढ़ाई असंभव नहीं’, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सोच बदलनी होगी









