Martyr Memorial Dispute: देश की रक्षा करते हुए अपनी जान न्योछावर करने वाले सैनिक श्रीनिवास शर्मा के सम्मान में उनके गांव में स्मारक बनाने की मांग पिछले दो वर्षों से अधूरी पड़ी है। शहीद के छोटे भाई अमित शर्मा लगातार प्रशासन से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक स्मारक के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है।टप्पल ब्लॉक के गांव वाजिदपुर निवासी सैनिक श्रीनिवास शर्मा ने भारतीय सेना में रहते हुए देश की सेवा की। वह नागालैंड, अवंतिपुरा, असम और श्रीनगर सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहे।28 सितंबर 2024 को मथुरा में तैनाती के दौरान ड्यूटी से लौटते समय एक सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। उनके निधन से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण
सैनिक श्रीनिवास शर्मा की पत्नी कैंसर से पीड़ित हैं। उनके परिवार में 12 वर्षीय पुत्र और आठ वर्षीय बेटी हैं।सैनिक के अंतिम संस्कार के समय सांसद सतीश गौतम ने गांव में उनके नाम पर एक द्वार बनाने की घोषणा की थी। वहीं ग्राम प्रधान अनोद कुमार ने भी स्मारक स्थल बनवाने का आश्वासन दिया था।सैनिक के छोटे भाई अमित शर्मा का कहना है कि उन्होंने अपने भाई की प्रतिमा भी तैयार करा ली है, लेकिन स्मारक स्थल के लिए जमीन नहीं मिलने के कारण प्रतिमा आज भी कारीगर के पास रखी हुई है।उन्होंने बताया कि जब भी वह छुट्टी लेकर गांव आते हैं, तो अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाते हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है।
Martyr Memorial Dispute: डीएम से लेकर पीएमओ तक भेजे गए पत्र
स्मारक बनवाने की मांग को लेकर अमित शर्मा ने कई विभागों और अधिकारियों को पत्र भेजे हैं। इनमें शामिल हैं:
- 16 अक्टूबर 2024: सेना मुख्यालय, मथुरा
- 30 दिसंबर 2024: डीएम
- 6 फरवरी 2025: डीएम
- 13 फरवरी 2025: डीएम
- 24 फरवरी 2025: डीएम
- 24 फरवरी 2025: विधायक खैर
- 25 मार्च 2025: डीएम
- 25 मार्च 2025: सैनिक बोर्ड
- 31 मार्च 2025: डीएम
- 31 मार्च 2025: एसएसपी
- 24 अप्रैल 2025: रक्षा मंत्रालय
- 29 मई 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- 28 अक्टूबर 2025: रक्षा मंत्रालय
- 23 जनवरी 2026: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
- 24 जनवरी 2026: एसएसपी
- 23 जनवरी 2026: यमुना विकास प्राधिकरण
इसके बावजूद अब तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका।
जमीन आवंटित हुई, लेकिन शुरू हो गया विवाद
अमित शर्मा के अनुसार, स्मारक के लिए गांव समाज की गाटा संख्या 278 (करीब दो बीघा) और गाटा संख्या 286 (करीब 600 वर्ग गज) की जमीन प्रस्तावित की गई थी।परिवार गाटा संख्या 278 पर स्मारक बनवाने के लिए तैयार था, लेकिन आसपास रहने वाले कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद मामला विवाद में बदल गया।ग्राम प्रधान अनोद कुमार का कहना है कि गांव समाज की जमीन पर सैनिक के सम्मान में स्मारक बनवाकर उनकी प्रतिमा स्थापित कराने के लिए वह तैयार हैं।हालांकि, परिवार का आरोप है कि कुछ लोग स्मारक के नाम पर गांव की कीमती जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। इसी वजह से लगातार विरोध किया जा रहा है।
प्रशासन से समाधान की मांग
प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री और खैर विधायक सुरेश दिलेर ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण मामला है और उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा और सैनिक की प्रतिमा पूरे सम्मान के साथ स्थापित कराई जाएगी।
शहीद सैनिक श्रीनिवास शर्मा की प्रतिमा काफी पहले तैयार हो चुकी है, लेकिन स्मारक स्थल को लेकर विवाद और जमीन का मामला नहीं सुलझने के कारण प्रतिमा अब भी कारीगर के पास रखी हुई है। परिवार चाहता है कि जल्द से जल्द स्मारक का निर्माण हो और सैनिक को उनके गांव में सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि दी जा सके।








