NDA Meeting: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार सुबह एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की। उन्होंने निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद, सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर, अपना दल (एस) के नेता आशीष पटेल और रालोद के महासचिव त्रिलोक त्यागी से करीब 10-10 मिनट तक बातचीत की।बैठक के बाद संजय निषाद, ओम प्रकाश राजभर और आशीष पटेल ने बताया कि इस दौरान सीट बंटवारे को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। बातचीत का मुख्य विषय 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति रहा।नितिन नवीन ने भाजपा नेता अपर्णा यादव से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया।
पूर्व प्रदेश अध्यक्षों से लिया राजनीतिक फीडबैक
इसके पहले नितिन नवीन ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक की। उन्होंने उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, जनता का रुझान और जातीय समीकरणों पर विस्तार से चर्चा कर चुनावी माहौल को समझने की कोशिश की।इस बैठक में भूपेंद्र चौधरी, स्वतंत्र देव सिंह, महेंद्रनाथ पांडेय, सूर्य प्रताप शाही, रमापति राम त्रिपाठी और केशव प्रसाद मौर्य सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। हालांकि, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनय कटियार बैठक में नजर नहीं आए। जब इस बारे में स्वतंत्र देव सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

NDA Meeting: आज का पूरा कार्यक्रम
रविवार को नितिन नवीन डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के घर दोपहर का भोजन करेंगे। इसके बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ चाय पर मुलाकात करेंगे। अपने लखनऊ दौरे के अंत में वे आरएसएस के भारती भवन कार्यालय जाकर संघ पदाधिकारियों से भी चर्चा करेंगे।इसके अलावा वे पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह के गोखले विहार स्थित आवास जाएंगे और वृंदावन विहार योजना स्थित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पर अवध क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों के सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।
शनिवार को किया 18 किलोमीटर लंबा रोड शो
शनिवार को नितिन नवीन ने लखनऊ एयरपोर्ट से भाजपा प्रदेश कार्यालय तक लगभग 18 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। यह रोड शो सुबह 11:20 बजे शुरू होकर दोपहर 1:55 बजे समाप्त हुआ।एयरपोर्ट से निकलने के बाद वे प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ विशेष रथ पर सवार हुए। पूरे रास्ते कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया और नारे लगाए। रोड शो के दौरान नितिन नवीन ने समर्थकों का अभिवादन करते हुए तलवार भी लहराई।इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुर्का पहने मुस्लिम महिलाएं, टोपी पहने मुस्लिम पुरुष, पादरी और नन भी शामिल हुए। भाजपा ओबीसी मोर्चा ने उन्हें क्रेन की मदद से 25 फीट लंबी माला पहनाकर स्वागत किया।
शर्मा जी की चाय पर कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे
रोड शो के दौरान नितिन नवीन लखनऊ की प्रसिद्ध शर्मा जी की चाय की दुकान भी पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ चाय पी, बन-मक्खन और समोसे का आनंद लिया।उन्होंने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि देश ने एक चाय बेचने वाले के बेटे को प्रधानमंत्री बनाया और जिन्होंने कभी उनका मजाक उड़ाया था, वे आज राजनीतिक रूप से पीछे छूट चुके हैं।

एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
शनिवार सुबह जब नितिन नवीन लखनऊ पहुंचे तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री धर्मपाल सिंह, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान समेत कई मंत्री और भाजपा पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। राजधानी में उनके स्वागत के लिए एक लाख से अधिक पोस्टर और बैनर लगाए गए थे।
राम मंदिर चोरी मामले पर दिया बयान
शनिवार शाम होटल ताज में भाजपा सांसदों, विधायकों और मंत्रियों की बैठक में नितिन नवीन ने पहली बार राम मंदिर चोरी मामले पर प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा कि जो घटना हुई है, वह गलत है और इससे जनता के बीच गलत संदेश गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। साथ ही उन्होंने सांसदों, विधायकों और मंत्रियों से कहा कि वे इस विवाद में सार्वजनिक रूप से न उलझें क्योंकि सरकार इस मामले में कार्रवाई कर रही है।
संजय निषाद ने क्या कहा
कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि बैठक में केवल 2027 के चुनाव में दोबारा ऐतिहासिक जीत हासिल करने की रणनीति पर चर्चा हुई। सीटों के बंटवारे पर कोई बातचीत नहीं हुई।जब उनसे चौरी-चौरा सीट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि किसी विशेष सीट पर चर्चा नहीं हुई। फिलहाल पूरा ध्यान चुनाव जीतने पर है।प्रभारियों की नियुक्ति के सवाल पर उन्होंने कहा कि इन विषयों पर आगे उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।
राजभर बोले- अभी सीटों की नहीं, जीत की बात
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि नितिन नवीन सभी सहयोगी दलों से अलग-अलग मिल रहे हैं और हर दल के नेताओं से करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई।उन्होंने कहा कि बैठक में 2027 में 2017 से भी अधिक सीटें जीतने की रणनीति पर चर्चा हुई, जबकि सीट बंटवारे पर कोई बात नहीं हुई।जब उनसे पूछा गया कि उनकी पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला टिकट वितरण के समय होगा।100 सीटों पर चुनाव लड़ने के पुराने बयान पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी तो 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी करती है।राजनीतिक चर्चा के सवाल पर उन्होंने कहा कि नेता जब बैठते हैं तो राजनीति पर ही चर्चा करते हैं, खेतों की बात नहीं करते।

भाजपा नेताओं ने क्या कहा
प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष संगठनात्मक प्रवास पर हैं और उन्होंने अलग-अलग समूहों में पार्टी नेताओं से भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर समाज को जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर बांटने का आरोप लगाया और कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब इस राजनीति को समझ चुकी है।वहीं, स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जनसंघ से भाजपा तक पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रवाद की राजनीति करती है और कार्यकर्ताओं को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाने का संदेश दिया गया है।
NDA Meeting: पार्टी नेताओं को दिए अहम संदेश
नितिन नवीन ने नेताओं से कहा कि राम मंदिर चोरी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे विपक्ष को मुद्दा मिल गया है। इसलिए पार्टी के जनप्रतिनिधि इस विवाद में बयानबाजी से बचें। सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
सांसद-विधायकों को तालमेल बढ़ाने की नसीहत
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अब केवल आठ से नौ महीने का समय बचा है। सांसदों और विधायकों के बीच मतभेद और आपसी अहंकार पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।उन्होंने बताया कि कई जिलों में नेताओं के अलग-अलग गुट बन गए हैं, जिससे संगठन प्रभावित हो रहा है। सभी नेताओं को मतभेद छोड़कर मिलकर काम करना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव में सांसदों और विधायकों की बराबर जिम्मेदारी होगी। यदि कार्यकर्ता और नेता एकजुट नहीं रहे तो 2009 और 2012 जैसी स्थिति दोबारा बन सकती है, जबकि एकजुट होकर काम करने से 2014, 2017, 2022 और उसके बाद भी जीत मिली।
यूजीसी मुद्दे पर भी जताई चिंता
नितिन नवीन ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों का सबसे अधिक विरोध भाजपा के अपने कार्यकर्ताओं ने किया। उन्होंने कहा कि नियम आते ही कई कार्यकर्ता खुद को पार्टी कार्यकर्ता मानने के बजाय जातियों में बांटने लगे।उन्होंने माना कि यूजीसी के कुछ नियमों में कमियां हैं और उनमें सुधार किया जा रहा है। मामला सुप्रीम कोर्ट में भी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे परिवार में गलती होने पर सुधार किया जाता है, वैसे ही इस विषय पर भी काम चल रहा है।उन्होंने सांसदों और विधायकों से कहा कि वे खुद को पहले भाजपा कार्यकर्ता मानें, किसी जाति या धर्म का प्रतिनिधि नहीं।
कार्यकर्ताओं के बीच रहने की सलाह
नितिन नवीन ने कहा कि विधायक बनने के बाद कई जनप्रतिनिधि कार्यकर्ताओं से दूरी बना लेते हैं, जबकि चुनाव उन्हीं कार्यकर्ताओं की मेहनत से जीता जाता है।उन्होंने नेताओं से गांवों में नियमित प्रवास करने, लोगों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान कराने को कहा। साथ ही यह भी कहा कि दिल्ली और लखनऊ में समय बिताने के बजाय कार्यकर्ताओं और जनता के बीच रहना चाहिए। विधायक और सांसद निधि का उपयोग भी पारदर्शी और सही तरीके से होना चाहिए ताकि लोगों को महसूस हो कि सरकार और उनके जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े हैं।
2027 चुनाव जीतने का दिया लक्ष्य
शनिवार को भाजपा मुख्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में नितिन नवीन ने स्पष्ट कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव जीतना पार्टी का सबसे बड़ा लक्ष्य है।उन्होंने कहा कि केवल बड़े जुलूस निकालने से चुनाव नहीं जीते जाते। जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उनका समाधान कराना ही सफलता का रास्ता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करने और आपसी मतभेद छोड़कर विपक्ष के खिलाफ पूरी ताकत लगाने की अपील की।








