Meerut Child Murder Case: मेरठ में 7 साल के मासूम अंगदवीर की हत्या के मामले में अब उसकी मां गुरप्रीत कौर की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। पुलिस को 15 जून का एक CCTV फुटेज मिला है, जिसमें गुरुप्रीत, उसका बेटा अंगदवीर और उसका कथित प्रेमी अर्पित एक साथ दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में तीनों एक गांव की बेकरी में जाते नजर आ रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि गुरप्रीत ने अपने बेटे की मुलाकात अर्पित से कराई थी और दोनों के बीच पहचान बनवाई थी। इसके अगले दिन 16 जून को अर्पित बच्चे को कार में घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया और बाद में उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को हस्तिनापुर के जंगल में फेंक दिया गया।
फिलहाल पुलिस गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं, बच्चे के पिता गुरुसेवक दुबई से मेरठ पहुंच रहे हैं और वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार करेंगे। यह घटना 16 जून को मेरठ के रामराज गांव में हुई थी। आरोपी अर्पित, जो HDFC बैंक में कार्यरत है, को पुलिस ने 17 जून को गिरफ्तार कर लिया था और उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव भी बरामद कर लिया गया।

8 साल पहले हुई थी गुरुप्रीत और गुरुसेवक की शादी
रामराज गांव में रहने वाला यह परिवार मूल रूप से पंजाब के पटियाला का रहने वाला है। परिवार के मुखिया अवतार सिंह कई साल पहले मेरठ आकर बस गए थे और खेती करने लगे थे। उनकी पत्नी बलजिंदर कौर हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा गुरुसेवक और छोटा बेटा पटियाला में अपने परिवार के साथ रहता है।करीब 8 साल पहले गुरुसेवक की शादी बिजनौर के नजीबाबाद निवासी गुरुप्रीत से हुई थी। शादी के बाद उनके घर बेटे अंगदवीर का जन्म हुआ। अवतार सिंह की मृत्यु के बाद घर में गुरुसेवक, गुरुप्रीत, उनकी मां बलजिंदर कौर और अंगदवीर साथ रहते थे।
Meerut Child Murder Case: वैवाहिक विवाद के बाद दुबई चला गया पति
शादी के बाद गुरुप्रीत गांव के एक निजी स्कूल में अध्यापिका बन गई थी। लेकिन समय के साथ पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगे। लगातार होने वाले झगड़ों से परेशान होकर गुरुसेवक लगभग दो साल पहले दुबई चला गया और वहां ड्राइवर की नौकरी करने लगा।कुछ समय बाद गुरुप्रीत भी घर छोड़कर अपने मायके नजीबाबाद चली गई। इसके बाद अंगदवीर की देखभाल उसकी दादी बलजिंदर कौर करने लगीं और उसे अपने साथ पटियाला ले गईं, जहां वह पढ़ाई कर रहा था।

इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, फिर बढ़ा रिश्ता
पुलिस के अनुसार, आरोपी अर्पित मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और HDFC बैंक में एरिया मैनेजर के पद पर कार्यरत है। करीब 11 महीने पहले उसकी शादी गौरी नाम की युवती से हुई थी।जांच में सामने आया है कि लगभग पांच साल पहले गुरुप्रीत और अर्पित की पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और उनका रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। इसी दौरान गुरुप्रीत और उसके पति के बीच तनाव भी बढ़ने लगा।
पुलिस का कहना है कि गुरुसेवक के दुबई जाने के बाद गुरुप्रीत और अर्पित की नजदीकियां और बढ़ गईं। दोनों एक-दूसरे के साथ समय बिताने लगे और शादी करना चाहते थे। गुरुप्रीत ने दो साल पहले पति से तलाक की मांग भी की थी, लेकिन गुरुसेवक ने कहा था कि इस विषय पर वह भारत लौटने के बाद बात करेगा।
बेटे के गांव आते ही पहुंच गई गुरुप्रीत
अंगदवीर अपनी दादी के साथ पटियाला में रह रहा था। करीब पांच दिन पहले वह दादी के साथ रामराज गांव आया था। बेटे के गांव आने की जानकारी मिलने पर गुरुप्रीत भी वहां पहुंच गई।उसने दादी से कहा कि उसे अपने बेटे की बहुत याद आती है और वह कुछ दिन उसके साथ रहना चाहती है। शुरुआत में दादी ने सवाल उठाया कि दो साल तक बेटे की कोई खबर नहीं ली, लेकिन बाद में गुरुप्रीत के अनुरोध पर उसे रहने की अनुमति दे दी गई।
पुलिस जांच के मुताबिक, 15 जून को गुरुप्रीत अपने प्रेमी अर्पित के साथ अंगदवीर को बेकरी लेकर गई थी। वहीं उसने बेटे की अर्पित से पहचान कराई। तीनों ने साथ समय बिताया और खाने-पीने के बाद वहां से चले गए।अगले ही दिन अर्पित ने बच्चे को अपने साथ ले जाकर उसकी हत्या कर दी।
दादी के घर से निकलते ही कार में बैठाकर ले गया आरोपी
16 जून की सुबह करीब 11 बजे अंगदवीर अचानक लापता हो गया। जांच में सामने आया कि उस समय घर में केवल गुरुप्रीत और अंगदवीर मौजूद थे। दादी बलजिंदर कौर डॉक्टर के पास जांच कराने गई थीं।उन्होंने अंगदवीर को भी साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन गुरुप्रीत ने उसे साथ नहीं जाने दिया। दादी के घर से निकलने के कुछ समय बाद गुरुप्रीत ने बेटे को बाहर खेलने भेज दिया।
इसी दौरान एक सफेद कार घर के बाहर आकर रुकी। कार में मौजूद अर्पित ने बच्चे से बातचीत की और उसे अपने साथ कार में बैठा लिया। इस पूरी घटना की CCTV फुटेज भी पुलिस को मिली है।
हत्या के बाद देवी जागरण में पहुंच गया आरोपी
पुलिस के अनुसार, हत्या करने के बाद अर्पित अपने घर पहुंचा, नहाया और फिर अपनी पत्नी गौरी के साथ फलावदा क्षेत्र के गड़ीना गांव में आयोजित देवी जागरण में शामिल होने चला गया।उसे विश्वास था कि वह पुलिस की पकड़ से बच जाएगा, लेकिन CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस उसकी पहचान तक पहुंच गई। बाद में सर्विलांस टीम ने उसे देवी जागरण से ही गिरफ्तार कर लिया।

पहले नहर में शव फेंकने की झूठी कहानी सुनाई
गिरफ्तारी के बाद अर्पित ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने दावा किया कि उसने बच्चे का शव नहर में फेंका है। इस जानकारी पर पुलिस ने पूरे दिन नहर में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कुछ नहीं मिला।सख्ती से पूछताछ करने पर उसने आखिरकार सच बताया कि शव हस्तिनापुर के भद्रकाली जंगल में फेंका गया है। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर जंगल से अंगदवीर का शव बरामद कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि उसने बच्चे को पहले कोई नशीला पदार्थ देने की कोशिश की थी, लेकिन उसे उल्टी हो गई। इसके बाद वह उसे करीब 20 किलोमीटर दूर जंगल में ले गया और चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
विदेश में बसने का सपना देख रही थी गुरुप्रीत
अंगदवीर की दादी बलजिंदर कौर के अनुसार, वे इसी महीने के अंत में अपने पोते के साथ स्थायी रूप से पटियाला शिफ्ट होने की तैयारी कर रही थीं। इसी कारण कुछ दिन पहले अंगदवीर मेरठ आया था।पड़ोसियों का कहना है कि गुरुप्रीत विदेश में बसना चाहती थी। इसके लिए वह IELTS की तैयारी भी कर रही थी ताकि सिंगापुर जाकर पढ़ाई और नौकरी कर सके।
जानकारी के अनुसार, जब गुरुप्रीत बहसूमा स्थित एम्बीशन स्कूल में अध्यापिका थी, तब अर्पित उसी स्कूल में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। वहीं दोनों की पहचान हुई और समय के साथ उनका रिश्ता गहरा होता गया। उस समय अर्पित अविवाहित था और दोनों साथ रहने की योजना बना रहे थे।
बाद में गुरुप्रीत हापुड़ चली गई और कुछ समय बाद अर्पित की शादी हो गई। जब गुरुसेवक को दोनों के संबंधों की जानकारी मिली, तब उसने गुरुप्रीत का स्कूल में पढ़ाना भी बंद करा दिया।
पुलिस का क्या कहना है?
मेरठ के एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि आरोपी अर्पित और अंगदवीर की मां गुरुप्रीत पहले से एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच लगातार बातचीत होती थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
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