Moers Gurudwara Clash: जर्मनी के मूर्स शहर में स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में एक बेहद गंभीर और चिंताजनक हिंसक घटना सामने आई है। इस झड़प में कम से कम 11 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 40 से अधिक बताई जा रही है। यह घटना रविवार को उस समय हुई जब गुरुद्वारे में श्रद्धालु प्रार्थना के लिए इकट्ठा हो रहे थे।
जानकारी के अनुसार, यह झड़प दो गुटों के बीच पहले से चल रहे विवाद के अचानक बढ़ने से हुई। देखते ही देखते मामला इतना बिगड़ गया कि दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और स्थिति पूरी तरह हिंसक हो गई।
कृपाण, चाकू और पेपर स्प्रे का इस्तेमाल
बताया जा रहा है कि शुरुआत में हमले के लिए पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया गया, जिससे वहां अफरा-तफरी फैल गई। इसके बाद कुछ लोगों ने चाकू, कृपाण और अन्य हथियारों से हमला करना शुरू कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक व्यक्ति ने पिस्तौल चलने जैसी आवाज भी की, हालांकि बाद में आशंका जताई गई कि यह असली हथियार नहीं बल्कि नकली (ब्लैंक) हो सकता है।
A shameful clash broke out in a Gurdwara in Moers city of Germany in the Ruhr industrial heartland. Turbans were tossed and Kirpans were used to attack each other in the presence of Guru Granth Sahib.
Special German riot police-SEK-had to be called in by the local authorities. pic.twitter.com/uKw9CuHeqf— Man Aman Singh Chhina (@manaman_chhina) April 20, 2026
Moers Gurudwara Clash: गुरुद्वारे में मची भगदड़
हिंसा बढ़ने के बाद गुरुद्वारे के अंदर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागने लगे। कुछ लोग तो जल्दी में बिना जूते-चप्पल के ही बाहर निकल गए। इस पूरी घटना से वहां मौजूद लोग बेहद डर और दहशत में आ गए।
प्रबंधन विवाद और कमेटी का टकराव
प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हिंसा गुरुद्वारे के प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद का परिणाम हो सकती है।
बताया जा रहा है कि पुरानी और नई कमेटी के सदस्यों के बीच सत्ता और नियंत्रण को लेकर तनाव था। गुरुद्वारे की गोलक (दान राशि) और वित्तीय मामलों को लेकर भी विवाद चल रहा था। चुनाव के बाद प्रबंधन बदलने से असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
Moers Gurudwara Clash: पगड़ियां उतारी गईं, गुरु ग्रंथ साहिब के सामने हमला
घटना के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ लोगों की पगड़ियां तक उतार दी गईं, जो सिख धर्म में सम्मान और पहचान का प्रतीक मानी जाती हैं। इससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।सबसे चिंताजनक बात यह रही कि कुछ लोगों ने गुरु ग्रंथ साहिब की मौजूदगी में ही कृपाणों से एक-दूसरे पर हमला किया।
पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगभग 100 पुलिसकर्मियों को गुरुद्वारे के आसपास तैनात किया गया। इनमें जर्मनी की विशेष कमांडो यूनिट SEK भी शामिल थी। पूरे इलाके की निगरानी हेलीकॉप्टर से की गई और क्षेत्र को पूरी तरह घेर लिया गया।इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है और पुलिस की जांच अभी जारी है।
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