Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित ‘मुंबई व्याख्यानमाला’ के दूसरे दिन समाज, राजनीति, भाषा और राष्ट्र से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार रखे। ‘100 इयर्स ऑफ संघ जर्नी: न्यू होराइजन्स’ विषय पर बोलते हुए उन्होंने संघ की विचारधारा और कार्यप्रणाली को स्पष्ट किया।
सरसंघचालक का पद जाति से नहीं, योग्यता से
मोहन भागवत ने साफ शब्दों में कहा कि संघ में सरसंघचालक का पद किसी जाति विशेष के लिए आरक्षित नहीं है। अनुसूचित जाति या जनजाति से होना कोई बाधा नहीं है और ब्राह्मण होना कोई अतिरिक्त योग्यता नहीं मानी जाती। उन्होंने माना कि शुरुआती दौर में संघ में ब्राह्मणों की संख्या अधिक थी, लेकिन आज संघ सभी जातियों को समान अवसर देता है।
Mohan Bhagwat: मोदी प्रधानमंत्री हैं, आरएसएस के नहीं
आरएसएस प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर फैली धारणा पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी आरएसएस से नहीं, बल्कि भाजपा से प्रधानमंत्री हैं। आरएसएस और भाजपा अलग संगठन हैं, हालांकि भाजपा में आरएसएस के स्वयंसेवक हो सकते हैं, जैसे अन्य क्षेत्रों में भी होते हैं।
भारत महान बनेगा तो दुनिया भी महान बनेगी
देश और समाज की भूमिका पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि भारत एक प्राचीन सभ्यता है। अगर भारत महान बनेगा तो पूरी दुनिया भी महान बनेगी। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर जन्मे लोगों का आचरण ऐसा होना चाहिए कि दुनिया भारत से जीवन मूल्यों की प्रेरणा ले।
Mohan Bhagwat: भाषा पर स्पष्ट रुख
भाषा के मुद्दे पर भागवत ने कहा कि अंग्रेजी संघ की कार्यप्रणाली का हिस्सा नहीं बनेगी, क्योंकि यह भारतीय भाषा नहीं है। हालांकि, आवश्यकता होने पर अंग्रेजी का उपयोग किया जाता है। संघ किसी भाषा का विरोध नहीं करता, लेकिन मातृभाषा और हिंदी को प्राथमिकता देने पर जोर देता है।
संघ को लेकर भ्रांतियां और फंडिंग का सवाल
उन्होंने कहा कि संघ को लेकर कई भ्रांतियां फैलाई जाती हैं, जो समय के साथ सच्चाई सामने आने पर खत्म हो जाती हैं। फंडिंग को लेकर उन्होंने बताया कि संघ स्वयंसेवकों के सहयोग से चलता है और कार्यकर्ता यात्राओं के दौरान स्वयंसेवकों के घर ठहरते हैं।
Mohan Bhagwat: धर्मांतरण और अवैध प्रवास पर बयान
धर्मांतरण के मुद्दे पर भागवत ने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन जबरन धर्मांतरण गलत है। अवैध प्रवासियों को लेकर उन्होंने सरकार से पहचान कर निर्वासन की अपील की और कहा कि देश में कारोबार भारतीयों को ही मिलना चाहिए, चाहे वे किसी भी धर्म के हों।
कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां शामिल
इस कार्यक्रम में फिल्म जगत और प्रशासनिक सेवा से जुड़ी कई नामचीन हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें अनन्या पांडे, करण जौहर, जैकी श्रॉफ और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शामिल थे। यह आयोजन आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया।
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