Mp Jagannath Yatra: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के अवसर पर मध्य प्रदेश के कई शहर भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आए। महाकाल की नगरी उज्जैन, सीहोर और धार में पुरी की तर्ज पर भव्य रथयात्राएं निकाली गईं। भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथों के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े। पूरे मार्ग पर ‘जय जगन्नाथ’ और हरिनाम संकीर्तन के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने रथों की रस्सियां खींचकर भगवान का स्वागत किया और जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भक्ति का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया।
उज्जैन में तीन भव्य रथों पर निकले भगवान
उज्जैन में इस्कॉन मंदिर की ओर से आयोजित रथयात्रा इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा को करीब ढाई लाख रुपये की लागत से तैयार विशेष शाही पोशाक पहनाई गई। भगवान जगन्नाथ 35 फीट ऊंचे नंदी घोष रथ, भगवान बलभद्र तालध्वज रथ और माता सुभद्रा दर्पदलन रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। कृषि उपज मंडी चौराहे से शुरू हुई यात्रा में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और ढोल-ताशों की धुन पर नृत्य कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।

Mp Jagannath Yatra: सीहोर में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
सीहोर में भी भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा पूरे धार्मिक उत्साह के साथ निकाली गई। दिल्ली से आए कलाकारों ने आकर्षक धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और पूरे मार्ग पर भक्ति का वातावरण बना रहा।

धार में भोजशाला से शुरू हुई रथयात्रा
धार में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का शुभारंभ ऐतिहासिक सरस्वती मंदिर भोजशाला से पूजा-अर्चना और महाआरती के साथ हुआ। भगवान के विग्रह का विशेष श्रृंगार कर उन्हें रथ पर विराजित किया गया। यात्रा में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी शामिल हुईं और भगवान का आशीर्वाद लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथ के साथ चलते हुए भजन-कीर्तन करते नजर आए।
Mp Jagannath Yatra: अनुशासन और भक्ति का दिखा अद्भुत संगम
तीनों शहरों में रथयात्रा के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का अनूठा दृश्य देखने को मिला। धार में श्रद्धालु रथ के आगे सड़क पर झाड़ू लगाते हुए चलते रहे, जबकि सभी भक्त एक समान ड्रेस कोड में नजर आए। महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया। पूरे प्रदेश में रथयात्रा ने धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत संदेश दिया।
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