Home » मध्य प्रदेश » पाकिस्तान में करोड़ों की ठगी का आरोपी इंदौर में मौजूद! वीजा और पासपोर्ट की अवधि खत्म होने के बावजूद कार्रवाई नहीं

पाकिस्तान में करोड़ों की ठगी का आरोपी इंदौर में मौजूद! वीजा और पासपोर्ट की अवधि खत्म होने के बावजूद कार्रवाई नहीं

पाकिस्तान में करोड़ों की ठगी का आरोपी इंदौर में मौजूद

MP News: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहा आरोपी नामक राम डेंवला पिछले कई महीनों से इंदौर में रह रहा है। हैरानी की बात यह है कि उसका वीजा समाप्त हो चुका है और पासपोर्ट का नवीनीकरण भी नहीं हुआ है, इसके बावजूद वह खुलेआम शहर में रह रहा है। मामले को लेकर शिकायतें किए जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

रकम लेकर हुआ फरार

जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के जैकोबाबाद निवासी विकास कुमार उर्फ विक्की कुमार ने आरोप लगाया है कि नामक राम डेंवला ने निवेश और ब्याज पर अधिक रिटर्न का लालच देकर बड़ी संख्या में लोगों से धन जुटाया और बाद में रकम लेकर फरार हो गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस कथित घोटाले की राशि करीब तीन करोड़ रुपये है। बताया जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ पाकिस्तान में कई एफआईआर दर्ज हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी का पासपोर्ट, राष्ट्रीय पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की जानकारी भी संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया में भी आरोपी के फरार होने और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े समाचार प्रकाशित हो चुके हैं।

MP News: इंदौर प्रशासन को भेजी गई शिकायतें

शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि आरोपी के भारत में रहने की जानकारी इंटरपोल, इंदौर कलेक्टर, पुलिस आयुक्त और अन्य संबंधित अधिकारियों को दी गई है। इसके बावजूद आरोपी के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

खबर के अनुसार, नामक राम डेंवला का वीजा दिसंबर 2024 में समाप्त हो चुका है। वहीं पासपोर्ट के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि वह पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास भी गया था, लेकिन लंबित मामलों के कारण उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक आरोपी का परिवार पहले भारत आया था। इसके बाद वह स्वयं भी इंदौर पहुंच गया और शहर के एक क्षेत्र में रह रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वह लंबे समय से यहां निवास कर रहा है और उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।

संरक्षण मिलने के आरोप

मामले में कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपी को संरक्षण मिलने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई प्रभावित हो रही है। हालांकि जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मामले में नाम आने के बाद संबंधित जनप्रतिनिधि के प्रतिनिधि ने कहा कि उनका आरोपी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया में प्रसारित खबरों के माध्यम से ही उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। वहीं शिकायतकर्ता आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया तेज करने की मांग कर रहे हैं।

ये भी पढ़े… कैसे यूपी के CM बने योगी? पढ़िए आदित्यनाथ के CM बनने की दिलचस्प कहानी