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भोपाल गोमांस मामला, 27 दिन बाद भी थमा नहीं बवाल, सड़कों पर उतरे संगठन

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Mp news: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले 27 दिनों से गोमांस से जुड़े एक मामले को लेकर भारी विवाद जारी है। नगर निगम के सहयोग से संचालित एक स्लॉटर हाउस से गोमांस मिलने के आरोपों के बाद शहर का माहौल गरमा गया है। इस मुद्दे पर अब अलग-अलग संगठन सड़कों पर उतर आए हैं और प्रदर्शन लगातार तेज़ होता जा रहा है। मुस्लिम संगठनों ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि केवल स्लॉटर हाउस संचालक असलम चमड़े ही नहीं, बल्कि इस पूरे मामले से जुड़े सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने “गोहत्या बंद करो” जैसे नारे भी लगाए।

क्या है पूरा मामला?

पूरा विवाद 17 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ, जब पुलिस हेडक्वॉर्टर के पास एक ट्रक पकड़ा गया। हिंदू संगठनों ने दावा किया कि ट्रक में करीब 26 टन गोमांस लदा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने मांस के सैंपल जांच के लिए हैदराबाद और मुंबई की लैब में भेजे। जांच के दौरान सामने आया कि जिस स्लॉटर हाउस से यह ट्रक निकला था, वह भोपाल नगर निगम का है और पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर संचालित हो रहा है। स्लॉटर हाउस का संचालन असलम चमड़े के पास था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

Mp news: नगर निगम और सरकार भी घेरे में

मामले के सामने आने के बाद नगर निगम की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाए कि नगर निगम की निगरानी में चल रहे स्लॉटर हाउस से गोमांस की सप्लाई कैसे हो रही थी। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, हिंदू संगठनों में इस मामले को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी देखने को मिल रही है और वे लगातार सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला

Mp news: भारत में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है और हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गाय में सभी देवी-देवताओं का वास माना जाता है। ऐसे में गोहत्या या गोमांस से जुड़े मामलों को लेकर अक्सर सामाजिक और धार्मिक संगठनों में गुस्सा देखने को मिलता रहा है। इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में गोहत्या के आरोपों को लेकर विरोध-प्रदर्शन होते रहे हैं। भोपाल का यह मामला भी अब राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन चुका है।

 

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