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Muzaffarnagar News: हिंदू बेटियों को Sadhvi Prachi ने दी ‘काली’ बनने की सलाह, कहा- ‘बुर्के वाली मत बनो, वरना 36 टुकड़े होंगे’

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Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले में बीते दिन रविवार को आर्य समाज के वार्षिक सम्मेलन में बीजेपी नेता और विश्व हिंदू परिषद से ताल्लुक रखने वाली साध्वी प्राची ने एक बार फिर अपने बयान से राजनीतिक और सामाजिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देशभर की हिंदू बेटियों को संबोधित करते हुए कहा कि तुम काली बनो, कल्याणी बनो, लेकिन बुर्के वाली मत बनो, वरना तुम्हारे 36 टुकड़े होंगे और बोरे में पैक मिलोगी।

मेरठ की घटना का किया जिक्र

आगे साध्वी प्राची ने कहा कि आज देश में जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, वे समाज के गिरते संस्कारों का परिणाम हैं। मेरठ में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नीले ड्रम में 15 टुकड़ों में एक बच्चे की लाश मिली थी, यह समाज के लिए बहुत शर्मनाक और पीड़ादायक है। हिंदू परिवार मुश्किल से एक या दो बच्चे पैदा करते हैं, लेकिन जब बच्चों को संस्कार नहीं मिलते तो ऐसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने माता-पिता से अपील करते हुए कहा कि आज जरूरत बच्चों को संस्कार और मानवता सिखाने की है, केवल आधुनिक शिक्षा और टेक्नोलॉजी नहीं। साध्वी ने कहा कि हम बच्चों को आईएएस, डीएम, इंजीनियर बना रहे हैं, लेकिन अगर उनमें संस्कार नहीं हैं तो वे मानव नहीं बन सकते। वेद कहता है मनुष्य बनो, धर्म से ऊपर इंसानियत रखो।

Muzaffarnagar News: धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा का समर्थन

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा का समर्थन करते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि उन्हें शुभकामनाएं देती हूं, क्योंकि वे हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। भारत सरकार को अब हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र घोषित कर देना चाहिए, यही समय है जब देश को अपनी पहचान पर गर्व होना चाहिए।

बिहार चुनाव पर भी दी प्रतिक्रिया

साध्वी प्राची ने बिहार चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयोग ने वहाँ सही कदम उठाया, लेकिन कुछ नेता मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं। इन नेताओं को केवल कुर्सी चाहिए, देशहित नहीं। बुर्का विवाद पर तंज कसते हुए कहा कि जो महिलाएं बुर्का पहनकर वोट देने जाती हैं, उनसे मैं पूछती हूं जब आप पासपोर्ट या आधार कार्ड बनवाने जाती हैं तब मुंह क्यों खोलती हैं? अगर वोट देने के लिए मुंह नहीं खोलोगी तो इसका मतलब दाल में कुछ काला है।

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