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सोनम वांगचुक को लेकर कांग्रेस का हमला, वेणुगोपाल बोले-धर्मेंद्र प्रधान के बजाय उन्हें हटा दिया

New Delhi: सोनम वांगचुक को लेकर कांग्रेस का हमला, वेणुगोपाल बोले-धर्मेंद्र प्रधान के बजाय उन्हें हटा दिया

New Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में शिफ्ट किए जाने के बाद कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाने के बजाय उन्होंने (केंद्र) सोनम वांगचुक को उनके प्रोटेस्ट की जगह से हटा दिया। यह बहुत निंदनीय काम है, जिसकी जनता सही समय पर सजा देगी।

जनता सही समय पर सजा देगी

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाने के बजाय उन्होंने (केंद्र) सोनम वांगचुक को उनके प्रोटेस्ट की जगह से हटा दिया। सरकार को दया और इंसानियत दिखानी चाहिए थी, लेकिन असली फासीवादी तरीके से उन्होंने एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन को तोड़ना चुना, क्योंकि उन पर जनता का दबाव बढ़ रहा था। यह बहुत निंदनीय काम है, जिसकी जनता सही समय पर सजा देगी।”

New Delhi: शिक्षा मंत्री को  हटाया जाए

केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष अपना प्रदर्शन पूरे जोर-शोर से जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से हटा दिया जाए।

New Delhi: संवैधानिक अधिकार पर हमला

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी सरकार पर हमला बोला। खेड़ा ने पोस्ट किया, “हमारा संविधान हर नागरिक को अपनी आवाज उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का बुनियादी अधिकार देता है। लेकिन आज गृह मंत्रालय का रवैया देखकर लगता है कि उसने इसी संवैधानिक अधिकार को अपना निशाना बना लिया है।”

New Delhi: नए पुलिस कमिश्नर की बर्बर कार्रवाई 

पवन खेड़ा ने दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर पर भी निशाना साधा। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और कल ही इसी मंत्रालय ने दिल्ली को नया पुलिस कमिश्नर दिया है। अगर आज की बर्बर कार्रवाई कमिश्नर साहब का पहला संदेश है, तो इससे साफ पता चलता है कि उनकी वफादारी संवैधानिक कर्तव्य से अधिक सत्ता के प्रति है।”

New Delhi: सरकार संविधान की इज्जत नहीं करती

उन्होंने कहा, “महिला पहलवानों को सड़कों पर घसीटना हो या पूर्व सैनिकों के साथ बदसलूकी करना, यह सरकार बार-बार दिखा चुकी है कि उसे न संविधान की इज्जत है और न ही लोकतांत्रिक मर्यादा की। आज की घटना ने एक बार फिर इसकी सोच को बेनकाब कर दिया है।”

New Delhi: शांतिपूर्ण विरोध  लोकतांत्रिक अधिकार

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “इस सरकार के लिए शांतिपूर्ण विरोध किसी नागरिक का बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार नहीं, बल्कि एक ‘कानून व्यवस्था’ की समस्या है, जिसे डंडे के जोर पर कुचल देना चाहिए। इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र आज दुनिया की सबसे अलोकतांत्रिक और लोकतंत्र-विरोधी राजनीतिक दल के कब्जे में है।”

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