शिवसेना में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम, उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों के विलय को मिली मान्यता

Shiv Sena: शिवसेना: उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों का हुआ विलय

Shiv Sena: लोकसभा में शिवसेना की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 6 बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को आधिकारिक मान्यता दे दी है। इस फैसले के बाद लोकसभा में शिंदे गुट के सांसदों की संख्या बढ़कर … Read more

नोएडा में संपत्ति विवाद ने पकड़ा तूल, पत्नी और ससुराल पक्ष पर मारपीट व पिता को बंधक बनाने का आरोप

Noida news:

Noida news: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में पारिवारिक संपत्ति विवाद का मामला सामने आया है। बीटा-2 थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों ने रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में उसके साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी … Read more

खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित, 19 जुलाई से पहलगाम और बालटाल मार्ग बंद

Amarnath Yatra: खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा अस्थाई रुकी

Amarnath Yatra: जम्मू-कश्मीर में लगातार खराब हो रहे मौसम और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को एहतियातन अगले आदेश तक अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 19 जुलाई से पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से यात्रा पर रोक लगा दी गई … Read more

क्या किसी को गाली देना ‘अश्लीलता’ का अपराध है? SC ने कानून किया स्पष्ट

Supreme Court:

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 294(बी) के दायरे को स्पष्ट करते हुए कहा है कि केवल गाली-गलौज, अपशब्द या अभद्र भाषा का इस्तेमाल अपने आप में अश्लीलता (Obscenity) का अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि कानून की नजर में अश्लीलता, भद्देपन और गाली-गलौज अलग-अलग अवधारणाएं हैं।

Supreme Court: क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने-

शीर्ष अदालत ने कहा कि सिर्फ भद्दे या अपमानजनक शब्दों का प्रयोग, चाहे वे कितने भी असभ्य क्यों न हों, उन्हें अश्लील नहीं माना जा सकता। अश्लीलता साबित करने के लिए यह जरूरी है कि संबंधित शब्द कामुक प्रकृति के हों, वासना को भड़काने वाले हों और कमजोर मन-मस्तिष्क को नैतिक रूप से भ्रष्ट करने की प्रवृत्ति रखते हों।

Supreme Court: गाली-गलौज और अश्लीलता में अंतर-

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गाली-गलौज या अभद्र भाषा से लोगों में घृणा, नाराजगी या हैरानी पैदा हो सकती है, लेकिन केवल इसी आधार पर उसे अश्लीलता का अपराध नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि कई पुराने फैसलों में भी यह सिद्धांत अपनाया जा चुका है।

किस मामले में आया फैसला-

यह फैसला न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने तमिलनाडु के एक जमीन विवाद से जुड़े मामले में सुनाया। 70 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।

किन धाराओं में मिली राहत-

सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की IPC की धारा 294(बी) (सार्वजनिक स्थान पर अश्लील शब्द बोलना) और धारा 506(2) (आपराधिक धमकी) के तहत दी गई सजा रद्द कर दी। हालांकि, IPC की धारा 326 (खतरनाक हथियार से गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत दोषसिद्धि बरकरार रखी गई।

सजा में किया गया बदलाव-

अदालत ने आरोपी की उम्र, स्वास्थ्य और घटना के जमीन विवाद से जुड़े होने को देखते हुए उसकी सजा में राहत दी। कोर्ट ने जेल की सजा को बदलकर “कोर्ट उठने तक की कैद” कर दिया और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया।

पीठ ने क्या किया स्पष्ट-

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केवल अपमानजनक या असभ्य भाषा का प्रयोग IPC की धारा 294(बी) के तहत अश्लीलता का अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। जब तक शब्द कामुक, वासना भड़काने वाले और नैतिक रूप से भ्रष्ट करने वाले न हों, उन्हें कानून की नजर में अश्लील नहीं माना जा सकता

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CBSE 10th Result 2026:

CBSE 10th Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 की सेकेंड बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल छात्र अपना परिणाम DigiLocker Results Portal के माध्यम से देख सकते हैं। बोर्ड के अनुसार, मुख्य बोर्ड परीक्षा और सेकेंड बोर्ड परीक्षा के संयुक्त परिणाम के आधार पर इस वर्ष कक्षा 10 का कुल पास प्रतिशत 96.78% रहा।

CBSE 10th Result 2026: कंपार्टमेंट छात्रों का प्रदर्शन भी बेहतर-

सीबीएसई के मुताबिक, कंपार्टमेंट श्रेणी के छात्रों का प्रदर्शन भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहा है। इस बार कंपार्टमेंट का पास प्रतिशत 52.40% दर्ज किया गया, जबकि पिछले वर्ष यह 48.68% था। बोर्ड ने बताया कि सत्यापन, पुनर्मूल्यांकन और अन्य पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं से जुड़ी जानकारी जल्द अलग से जारी की जाएगी।

CBSE 10th Result 2026: सेकेंड बोर्ड परीक्षा 2026 का प्रदर्शन-

विवरणआंकड़ेपंजीकृत छात्र6,64,027परीक्षा में शामिल छात्र6,63,777अंक सुधार के लिए शामिल छात्र5,13,955जिन छात्रों के अंक बेहतर हुए3,08,095 (59.95%)कंपार्टमेंट श्रेणी के छात्र1,49,822कंपार्टमेंट में सफल छात्र78,503 (52.40%)मुख्य और सेकेंड परीक्षा मिलाकर कुल पास प्रतिशत96.78%

पहली बार हुई दो बोर्ड परीक्षाएं-

सीबीएसई ने वर्ष 2026 से कक्षा 10 के लिए पहली बार दो बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था लागू की। मुख्य बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 तक आयोजित हुई, जबकि सेकेंड बोर्ड परीक्षा 15 से 21 मई 2026 के बीच हुई। यह परीक्षा वैकल्पिक थी और इसमें केवल वे छात्र शामिल हुए जिन्होंने अपने अंकों में सुधार के लिए आवेदन किया था।

मार्कशीट में किस परीक्षा के अंक होंगे-

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने दोनों परीक्षाएं दी हैं, उनकी अंतिम मार्कशीट में दोनों प्रयासों में से अधिक अंक वाले परिणाम को शामिल किया जाएगा।

मार्कशीट कैसे मिलेगी-

रेग्यूलर छात्रों की प्रिंटेड मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट उनके संबंधित स्कूलों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, निजी (Private) अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत पते पर दस्तावेज भेजे जाएंगे। दिल्ली क्षेत्र के निजी अभ्यर्थी अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र से भी मार्कशीट और प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे

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 UPPSC Last Date:

UPPSC Last Date: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के उम्मीदवारों के लिए अहम खबर है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक UPPSC PCS Pre Recruitment के लिए आवेदन नहीं किया है, वे इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि जितना जल्दी हो सके अपना फॉर्म भर लें, क्योंकि UPPSC PCS में आवेदन करने की अंतिम तिथि अब नज़दीक आ गई है। उम्मीदवारों की जानकारी के लिए बता दें कि UPPSC की प्रारंभिक परीक्षा के लिए उम्मीदवार 27 जुलाई तक ही आवेदन कर सकते हैं। इसलिए समय रहते अपनी आवेदन प्रक्रिया अवश्य पूरी कर लें। अन्यथा उम्मीदवारों को दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा।

UPPSC Last Date: स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री क्यों है अहम-

आवेदन प्रक्रिया की बात करें तो UPPSC की परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के पास भारत के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक या स्नातकोत्तर की डिग्री होनी चाहिए।

UPPSC Last Date: जानें क्या रहेगी आयु सीमा-

UPPSC परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी।

कैसे होगा उम्मीदवारों का चयन-

चयन प्रक्रिया की बात करें तो उम्मीदवारों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर होंगे। पहला पेपर सामान्य अध्ययन और दूसरा पेपर सीसैट (CSAT) के लिए संचालित किया जाएगा। पहली पाली सुबह 9:00 बजे से सुबह 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक संचालित की जाएगी।

कैसे करें UPPSC के लिए आवेदन-

यूपी पीसीएस परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द समाप्त होने वाली है। ऐसे में इच्छुक अभ्यर्थी समय रहते नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके अपना ऑनलाइन आवेदन पूरा कर सकते हैं।

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।

इसके बाद Apply या Online Application लिंक पर क्लिक करें।

आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।

आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन की हुई कॉपी निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें।

फिर आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें और फॉर्म सबमिट कर दें।

अंत में भविष्य की ज़रूरत के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट या पीडीएफ अपने पास सुरक्षित रख लें।

UPPSC परीक्षा पास करने के फायदे-

UPPSC (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) परीक्षा के फायदों की बात करें, तो इस परीक्षा को पास करने के बाद अभ्यर्थियों को राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पदों, जैसे एसडीएम (SDM) और डीएसपी (DSP) पर कार्य करने का अवसर मिलता है। इसके साथ ही शानदार नौकरी की सुरक्षा, सातवें वेतन आयोग के अनुसार ₹56,100 से ₹2,24,100 तक का वेतन और समाज में उच्च सम्मान प्राप्त होता है।

1. प्रतिष्ठित पद और करियर में उन्नति-

UPPSC (पीसीएस) के माध्यम से चयनित होने पर अभ्यर्थियों को एसडीएम (SDM), पुलिस उपाधीक्षक (DSP), बीडीओ (BDO) और एआरटीओ (ARTO) जैसे प्रतिष्ठित पदों पर कार्य करने का मौका मिलता है। वरिष्ठता और उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर पदोन्नति प्राप्त कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) स्तर तक भी पहुँचा जा सकता है।

2. आकर्षक वेतन और भत्ते-

इन पदों पर मूल वेतन ₹56,100 से शुरू होकर ₹1,32,000 (पे-लेवल 10) तक होता है। इसके अलावा सरकारी आवास, वाहन, चालक, सुरक्षा गार्ड, चिकित्सा सुविधा, यात्रा भत्ता तथा अन्य कई सुविधाएँ भी प्रदान की जाती हैं।

3. समाज सेवा और प्रशासन में योगदान-

UPPSC के माध्यम से चयनित अधिकारी राज्य के विकास और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करते हैं और आम जनता की समस्याओं का समाधान कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं।

4. नौकरी की सुरक्षा-

UPPSC के माध्यम से सरकारी सेवा मिलने के बाद नौकरी पूरी तरह सुरक्षित रहती है। निजी क्षेत्र की तुलना में इसमें करियर अधिक स्थिर होता है और नौकरी जाने का जोखिम बेहद कम होता है।

5. व्यक्तित्व का समग्र विकास-

इस परीक्षा की तैयारी के दौरान अभ्यर्थियों का सामान्य ज्ञान, विश्लेषणात्मक क्षमता (Critical Thinking), निर्णय लेने की योग्यता और समसामयिक घटनाओं की समझ बेहतर होती है। इससे उनका संपूर्ण व्यक्तित्व विकसित होता है

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 Ahmedabad Factory Blast:

Ahmedabad Factory Blast: गुजरात के अहमदाबाद के महमूदपुरा इलाके में शनिवार दोपहर एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज करीब 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे में एक महिला समेत 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को एलजी अस्पताल और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

Ahmedabad Factory Blast: झोपड़ीनुमा फैक्ट्री पूरी तरह हुई तबाह-

जानकारी के अनुसार, पटाखा फैक्ट्री झोपड़ीनुमा ढांचे में संचालित की जा रही थी। विस्फोट के बाद आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा परिसर मलबे में तब्दील हो गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया।

Ahmedabad Factory Blast: लाइसेंस रद्द होने के बाद भी चल रहा था संचालन-

संयुक्त पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह ने बताया कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद मेहुल डोडिया नामक व्यक्ति कथित रूप से यहां अवैध रूप से पटाखा निर्माण का काम कर रहा था। हादसे के बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ गैर-इरादतन मानववध सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी फिलहाल फरार है।

सबसे पहले बचाव के लिए पहुंचे RAF के जवान-

हादसे के बाद पास स्थित आरएएफ कैंप के जवान सबसे पहले मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की। चीफ फायर ऑफिसर अमित डोगरे ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग को पूरी तरह बुझा दिया गया।

कई घायलों की हालत गंभीर-

अहमदाबाद के महापौर हितेश बारोट ने बताया कि घायलों का इलाज एलजी और सिविल अस्पताल में चल रहा है। इनमें से कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन हादसे के कारणों की जांच में जुट गया है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया मुआवजे का ऐलान-

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है

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 Netflix Trending Movies:

Netflix Trending Movies: ओटीटी प्लेटफॉर्म पर पुरानी फिल्मों का क्रेज एक बार फिर देखने को मिल रहा है। 14 साल पहले सिनेमाघरों में रिलीज हुई एक हॉलीवुड फिल्म अब Netflix पर जबरदस्त वापसी कर रही है। महज 1 घंटे 33 मिनट की यह साइंस-फिक्शन एडवेंचर फिल्म टॉप 10 ट्रेंडिंग लिस्ट में अपनी जगह बना चुकी है और दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

Netflix Trending Movies: नेटफ्लिक्स पर छाई ‘Journey 2: The Mysterious Island’-

साल 2012 में रिलीज हुई ‘Journey 2: The Mysterious Island’ एक साइंस-फिक्शन एडवेंचर फिल्म है, जिसका निर्देशन ब्रैड पेटन ने किया था। यह 2008 में आई ‘Journey to the Center of the Earth’ की सीक्वल है। फिल्म में ड्वेन जॉनसन, माइकल केन, जोश हचरसन, वैनेसा हजेंस, लुइस गुजमैन और क्रिस्टिन डेविस जैसे कलाकार नजर आते हैं।

Netflix Trending Movies: क्या है फिल्म की कहानी-

फिल्म की कहानी टीनएजर शॉन एंडरसन और उसके सौतेले पिता हैंक के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों एक रहस्यमयी डिस्ट्रेस सिग्नल का पीछा करते हुए दक्षिण प्रशांत महासागर के एक अनजान द्वीप पर पहुंचते हैं। वहां उन्हें शॉन के दादाजी फंसे हुए मिलते हैं। द्वीप के समुद्र में डूबने से पहले सभी को सुरक्षित बाहर निकालने की रोमांचक जंग ही फिल्म की मुख्य कहानी है।

बॉक्स ऑफिस पर भी रही थी सुपरहिट-

रिलीज के समय इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था और 2012 की सफल फिल्मों में शामिल रही। अब 14 साल बाद यह फिल्म एक बार फिर चर्चा में है और Netflix पर दर्शकों की पसंद बनी हुई है।

Netflix की ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल-

‘Journey 2: The Mysterious Island’ इस समय Netflix की Top 10 Trending फिल्मों में शामिल है। भारत समेत कई देशों में दर्शक इसे खूब देख रहे हैं। अगर आपको साइंस-फिक्शन, एडवेंचर और फैमिली एंटरटेनमेंट पसंद है, तो यह फिल्म आपके वीकेंड वॉचलिस्ट का हिस्सा बन सकती है

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स्कूल में चॉकलेट बताकर खिलाई प्रतिबंधित दवा, 8 बच्चों की बिगड़ी तबीयत; एक ICU में भर्ती

Chhattisgarh News

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सरकारी स्कूल के छात्रों के कथित तौर पर प्रतिबंधित दवा का सेवन करने से आठ बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। घटना पंचशील नगर स्थित शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की है। बच्चों को चक्कर आने, बेहोशी और शरीर में … Read more

दवा ही नहीं, समंदर भी बन रहा है मानसिक सुकून का सहारा, जानिए क्या है ब्लू स्पेस थेरेपी

Blue Space Therapy:

Blue Space Therapy: आज की भागदौड़ भरी और डिजिटल जिंदगी में मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। डिप्रेशन, एंग्जायटी और अकेलेपन जैसी परेशानियां अब आम होती जा रही हैं। ऐसे में दवाओं के साथ-साथ कुछ प्राकृतिक तरीकों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इन्हीं में से एक है ब्लू स्पेस थेरेपी (Blue Space Therapy), जिसे मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।

Blue Space Therapy: क्या है ब्लू स्पेस थेरेपी-

ब्लू स्पेस थेरेपी का मतलब पानी से जुड़े प्राकृतिक स्थानों, जैसे झील, नदी, समुद्र या तालाब के आसपास समय बिताना है। कई शोधों में पाया गया है कि ऐसे स्थानों पर रहने या समय बिताने से मानसिक तनाव कम हो सकता है और व्यक्ति खुद को अधिक शांत व सकारात्मक महसूस करता है।

Blue Space Therapy: रिपोर्ट्स में क्या सामने आया-

कई रिपोर्ट्स के अनुसार, तटीय इलाकों में रहने वाले या वहां नियमित रूप से जाने वाले लोगों में मानसिक तनाव (Psychological Distress) और डिप्रेशन के मामले अपेक्षाकृत कम देखे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पानी के आसपास का शांत वातावरण दिमाग को आराम देने में मदद करता है।

‘ब्लू माइंड’ किताब ने भी किया जिक्र-

साल 2014 में मरीन बायोलॉजिस्ट वालेस जे. निकोलस की किताब ‘ब्लू माइंड’ प्रकाशित हुई थी। इस किताब में बताया गया है कि पानी के आसपास रहने से शरीर में तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन कोर्टिसोल कम हो सकता है और व्यक्ति अधिक सकारात्मक महसूस करता है।

पानी के अंदर भी दी जा रही थेरेपी-

ब्लू स्पेस थेरेपी अब केवल पानी के किनारे तक सीमित नहीं है। कई देशों में डिप्रेशन, ट्रॉमा और नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए स्कूबा डाइविंग, फ्री-डाइविंग, ब्रीदवर्क और मेडिटेशन जैसी गतिविधियों का सहारा लिया जा रहा है। इन गतिविधियों के दौरान मिलने वाला वेटलेसनेस (भारहीनता) का अनुभव शरीर और मस्तिष्क को शांत करने में मददगार माना जाता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ-

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति अपनी क्षमताओं को पहचानता है, रोजमर्रा के तनाव का सामना कर सकता है और बेहतर तरीके से काम करने में सक्षम होता है। हालांकि, ब्लू स्पेस थेरेपी को मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक सहायक उपाय माना जाता है, लेकिन गंभीर मानसिक समस्याओं में डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह और उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए

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