New Delhi: कांग्रेस परिसीमन बिल का विरोध कर रही है। उसे लगता है कि यह बिल दक्षिणी राज्यों के साथ न्याय नहीं करता है।पार्टी के सासंद तो यहां तक आश्वस्त हैं कि परिसीमन बिल पारित नहीं हो पाएगा। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करती है, लेकिन वह प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इसे पारित कराने के लिए शायद पर्याप्त संख्या बल न हो।
चालाकी भरा है संसद सत्र
पत्रकारों से बात करते हुए कार्ति चिदंबरम ने कहा कि संसद सत्र का समय बहुत ही चालाकी भरा है। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अभी चुनाव होने बाकी हैं और हम चुनावी अभियान के बीच में हैं। इन राज्यों में मुख्य राजनीतिक पार्टियों के अभियान में रुकावट डालने के लिए सरकार ने 16, 17 और 18 तारीख को संसद सत्र बुलाया है। यह साफ तौर पर सरकार के छिपे हुए एजेंडे को दिखाता है।
New Delhi: सांसदों की संख्या बढ़ाना ठीक नहीं
उन्होंने आगे कहा कि हम सभी महिला आरक्षण बिल का समर्थन करेंगे लेकिन परिसीमन सरकार का एक और संदिग्ध कदम है। हम इस बिल का विरोध करेंगे। संसद में हमारी आवाजें ठीक से नहीं सुनी जातीं और अगर सदन की संख्या बढ़ाकर 850 कर दी गई, तो हमें मुद्दे उठाने के लिए और भी कम समय मिलेगा। जहां एक तरफ हम सदन की मौजूदा संख्या के अंदर ही महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने का समर्थन करते हैं, लेकिन हम इसकी संख्या बढ़ाकर 850 करने का समर्थन नहीं करते। उन्होंने कहा कि हम विधेयक के खिलाफ वोट करेंगे। सरकार के पास पर्याप्त संख्या नहीं है और हमारा रुख साफ़ है। हम महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं, लेकिन परिसीमन का नहीं।
कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार यह मांग करती रही है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। हालांकि, जिस तरह से परिसीमन प्रक्रिया को इससे जोड़ा जा रहा है, हम उसका कड़ा विरोध करेंगे। हम महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं।








