Women Reservation Bill: गिरिराज सिंह का विवादित बयान महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश की राजनीति में बहस तेज हो गई है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के एक बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है।
“जो समर्थन नहीं करेगा, उसे घर में खाना नहीं मिलेगा”
गिरिराज सिंह ने महिला आरक्षण बिल के समर्थन में कहा कि “जो इस बिल का समर्थन नहीं करेगा, उसे घर में खाना नहीं मिलेगा।” उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और विपक्ष इसे लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है।
Women Reservation Bill: क्या है महिला आरक्षण बिल?
महिला आरक्षण विधेयक के तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान है। सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में मजबूत स्थान मिलेगा।
गिरिराज सिंह का पक्ष
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि: यह बिल लंबे इंतजार के बाद लाया गया है, सभी दल मिलकर इसे पास करेंगे और किसी भी राज्य या क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं होगा तथा उन्होंने दक्षिण भारत में उठ रहे भेदभाव के आरोपों को भी खारिज किया।
Women Reservation Bill: विपक्ष के सवाल
विपक्षी दल इस बिल को परिसीमन (Delimitation) से जोड़कर देख रहे हैं और आशंका जता रहे हैं कि इससे कुछ राज्यों की राजनीतिक हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है। समाजवादी पार्टी ने पहले इस बिल का समर्थन किया था, लेकिन अब विरोध का ऐलान कर दिया है। राम गोपाल यादव ने इसे सरकार की “बेनियती” बताया है।
संसद में विशेष सत्र
महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जहां इस पर विस्तृत चर्चा होगी।आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक टकराव का केंद्र बना रहेगा।
महिला आरक्षण बिल जहां एक ओर महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके राजनीतिक और प्रक्रियात्मक पहलुओं को लेकर विवाद भी बढ़ता जा रहा है। गिरिराज सिंह के बयान ने इस बहस को और तीखा कर दिया है।
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