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OpenAI के दफ्तर में जासूसी की कोशिश? टॉयलेट पेपर में छिपाया रिकॉर्डिंग डिवाइस

OpenAI Office Espionage:

OpenAI Office Espionage: अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI के सैन फ्रांसिस्को स्थित दफ्तर में गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने का मामला सामने आया है। अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने कंपनी में इंजीनियर के रूप में काम कर चुके सऊदी नागरिक अब्दुल रहमान अल-फ़ोज़ान पर संवेदनशील बातचीत रिकॉर्ड करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। अभियोजकों के मुताबिक, आरोपी ने रिकॉर्डिंग डिवाइस को टॉयलेट पेपर में छिपाकर एक कॉन्फ्रेंस हॉल में लगाया था।

OpenAI Office Espionage: टॉयलेट पेपर में लपेटकर छिपाया रिकॉर्डिंग डिवाइस-

अभियोजकों के अनुसार, OpenAI के एक एग्जिक्युटिव कॉन्फ्रेंस हॉल में टीवी के पीछे मौजूद USB पोर्ट में एक गुप्त रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाया गया था। यह उपकरण टॉयलेट पेपर में लिपटा हुआ था, ताकि किसी को आसानी से इसकी जानकारी न हो सके। OpenAI ने बताया कि उसे अपने सैन फ्रांसिस्को स्थित कार्यालय में एक अत्याधुनिक रिकॉर्डिंग डिवाइस मिला था। इसके बाद कंपनी ने संघीय जांच एजेंसी FBI को इसकी सूचना दी। कंपनी के मुताबिक, उसके AI मॉडल की मदद से डिवाइस और उसके सोर्स की जांच की गई, जिसके बाद इसे लगाने वाले कर्मचारी की पहचान करने में मदद मिली।

OpenAI Office Espionage: OpenAI ने कर्मचारी को नौकरी से निकाला-

OpenAI ने इस घटना के सामने आने के बाद संबंधित कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसे ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है, जिससे पता चले कि इस घटना में उसके सोर्स कोड, AI मॉडल के वेट या ग्राहकों के डेटा को गलत तरीके से एक्सेस किया गया अथवा चुराया गया। मामले ने कंपनी के कार्यालयों में संवेदनशील जानकारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी अदालत में होनी बाकी है।

AI चैटबॉट से रिकॉर्डिंग डिवाइस बनाने की जानकारी लेने का आरोप-

FBI के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर एक प्रोडक्टिविटी टूल और चैटबॉट का इस्तेमाल करके OpenAI के कार्यालय में संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाई थी। उस पर गुप्त रूप से ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने के तरीकों के बारे में जानकारी हासिल करने का भी आरोप है। अभियोजकों के अनुसार, आरोपी ने चैटबॉट से लगातार ऑडियो रिकॉर्ड करने वाले उपकरण बनाने, उनमें बदलाव करने, उन्हें इंस्टॉल करने और उनकी पहचान छिपाने से संबंधित सवाल पूछे थे। इसके अलावा, उसने कथित तौर पर Wi-Fi कनेक्टिविटी में बदलाव करने, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव सुनने की क्षमता बेहतर बनाने तथा SD कार्ड को एन्क्रिप्ट करने के बारे में भी जानकारी मांगी थी।

FBI निदेशक काश पटेल ने क्या कहा-

FBI निदेशक काश पटेल ने एक बयान में कहा कि शिकायत के मुताबिक, अल-फ़ोज़ान ने अपने नियोक्ता के एग्जिक्युटिव कॉन्फ्रेंस हॉल में एक गुप्त रिकॉर्डिंग डिवाइस छिपाया था। इसका कथित उद्देश्य संवेदनशील बातचीत को चुपके से रिकॉर्ड करना और कंपनी के AI उत्पाद से जुड़ी जानकारी हासिल करना था। अभियोजकों के अनुसार, अल-फ़ोज़ान जुलाई 2025 से OpenAI में इंजीनियर के रूप में काम कर रहे थे। 30 सितंबर को कंपनी के कर्मचारियों ने कार्यालय में लगे डिवाइस का पता लगाया था। जांच में यह भी सामने आया कि उपकरण एन्क्रिप्टेड था।

दोबारा कार्यालय पहुंचने और बैग छोड़ने का भी आरोप-

अभियोजकों का आरोप है कि 5 अक्टूबर को अल-फ़ोज़ान कथित तौर पर कार्यालय में लगाए गए उपकरण की जांच करने के लिए दोबारा वहां पहुंचे थे। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज में उनकी मौजूदगी दर्ज होने का दावा किया गया है। अभियोजकों के मुताबिक, उसी दिन आरोपी ने इमारत के दूसरे हिस्से में जानबूझकर एक बैग छोड़ दिया था। OpenAI की सुरक्षा टीम ने जब बैग की जांच की, तो उसमें उसका वॉलेट और पहचान पत्र मिला। बैग में एक अन्य रिकॉर्डिंग डिवाइस भी बरामद हुआ, जो कॉन्फ्रेंस रूम में मिले उपकरण जैसा था।

दोषी पाए जाने पर हो सकती है पांच साल की जेल-

अब्दुल रहमान अल-फ़ोज़ान मंगलवार को अदालत में पेश हुए। हालांकि, उनकी ओर से किसी वकील की पैरवी किए जाने को लेकर जानकारी स्पष्ट नहीं है। अभियोजकों के अनुसार, यदि आरोपी इस मामले में दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें पांच साल तक की जेल और 2,50,000 डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों पर कानूनी प्रक्रिया जारी है और आरोपी को दोषी ठहराया जाना अभी बाकी है।

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