Raghav chadhha: आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है। माना जा रहा है कि वह पंजाब के विधायकों के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात कर इस पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखेंगे। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री मान उन सांसदों को रिकॉल (Recall) करने की मांग भी उठा सकते हैं, जिन्होंने हाल ही में पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा है। शुक्रवार को राघव चड्ढा समेत कुल सात सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था, जिनमें से तीन सांसद भाजपा में शामिल भी हो चुके हैं।
सांसदों को अयोग्य घोषित करने की तैयारी
इधर, आम आदमी पार्टी ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा है कि AAP राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर इन सातों सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग करेगी।
Raghav chadhha: दल-बदल कानून का हवाला
संजय सिंह ने कहा कि दल-बदल विरोधी कानून के मुताबिक राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी तरह की गुटबंदी या विभाजन को मान्यता नहीं दी जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे दो-तिहाई बहुमत ही क्यों न हो, इस तरह का कदम कानूनी रूप से वैध नहीं है।
Raghav chadhha: असंवैधानिक और गैरकानूनी है फैसला
AAP नेता ने भाजपा में शामिल होने के फैसले को पूरी तरह असंवैधानिक और गैरकानूनी करार दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति से जल्द कार्रवाई की मांग की जाएगी।
क्या कहा था राघव चड्ढा ने
Raghav chadhha: गौरतलब है कि शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने दावा किया था कि AAP के 10 में से 7 राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इसके बाद से ही पार्टी में सियासी संकट गहराता नजर आ रहा है।
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