Rahul Gandhi: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने सोमवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को बरी कर दिया। अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल देखने को मिला। कोर्ट परिसर के बाहर कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों पर नाचकर और आतिशबाजी करके अपनी खुशी जाहिर की। इस दौरान राहुल गांधी के समर्थन में नारे भी लगाए गए।
Rahul Gandhi: कोर्ट ने 23 मिनट में सुनाया फैसला
राहुल गांधी सोमवार को दिल्ली से विमान के जरिए लखनऊ पहुंचे थे। इसके बाद वह सड़क मार्ग से सुल्तानपुर की अदालत के लिए रवाना हुए। राहुल गांधी सुबह 11:12 बजे कोर्ट रूम में पहुंचे, जिसके करीब 23 मिनट बाद यानी 11:35 बजे अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश शुभम वर्मा ने मामले में फैसला सुनाया। निर्णय आने के बाद अदालत के बाहर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया।
फैसले से पहले राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां टकराईं
सुल्तानपुर जाते समय राहुल गांधी के काफिले की कई गाड़ियां पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आपस में टकरा गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में पांच गाड़ियां और एक एंबुलेंस शामिल थीं। दुर्घटना में कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें आईं। हालांकि, राहुल गांधी पूरी तरह सुरक्षित रहे और इसके बाद अदालत पहुंचे।

Rahul Gandhi: कोर्ट के आसपास लगाए गए थे स्वागत के होर्डिंग
राहुल गांधी के सुल्तानपुर पहुंचने से पहले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में शहर में कई जगह होर्डिंग लगाए थे। सुल्तानपुर कोर्ट के बाहर और आसपास के रास्तों पर लगे इन होर्डिंग पर ‘सत्यमेव जयते’ लिखा गया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के स्वागत के लिए रास्ते में कई स्थानों पर तैयारियां भी की थीं।
छह जगहों पर स्वागत की बनाई गई थी योजना
सुल्तानपुर कांग्रेस के शहर अध्यक्ष शकील अंसारी के मुताबिक, राहुल गांधी के स्वागत के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कूरेभार के पास कार्यकर्ताओं के पहुंचने की योजना थी। यहां कूरेभार, धनपतगंज और जयसिंहपुर के कार्यकर्ता मौजूद रहने वाले थे। इसके बाद टाटियानगर बाईपास पर कादीपुर, अखंडनगर, करौंदीकला, मोतिगरपुर और दोस्तपुर के कार्यकर्ताओं को स्वागत की जिम्मेदारी दी गई थी।इसी तरह टेढ़ुई तिराहे पर पीपी कमैचा, लंभुआ और भदैया के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पहुंचना था। गोलाघाट स्थित आस्था हॉस्पिटल के सामने युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत की तैयारी थी। गोलाघाट दीवानी मोड़ पर बल्दीराय, कुड़वार और दुबेपुर के कार्यकर्ताओं को मौजूद रहना था। इसके बाद दीवानी न्यायालय के मुख्य गेट पर शहर कांग्रेस कमेटी और शहरी क्षेत्र के अन्य नेता राहुल गांधी का स्वागत करने वाले थे।
Rahul Gandhi: आराधना मिश्रा मोना ने जताया न्यायपालिका पर भरोसा
राहुल गांधी के लखनऊ पहुंचने पर उनका स्वागत करने आईं उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने कहा था कि राहुल गांधी सुल्तानपुर में अदालत में पेश होने जा रहे हैं। वह पहले भी इस मामले में यहां आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
अगस्त 2018 में दर्ज हुआ था मानहानि का मुकदमा
राहुल गांधी के खिलाफ यह मामला भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को दर्ज कराया था। विजय मिश्रा सुल्तानपुर कोतवाली देहात क्षेत्र के हनुमानगंज के निवासी हैं। आरोप के मुताबिक, राहुल गांधी ने 8 मई 2018 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।राहुल गांधी पर आरोप था कि उन्होंने कहा था, “जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसके अध्यक्ष पर हत्या का आरोप है।” इस बयान को अमित शाह की मानहानि से जोड़ते हुए उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।
Rahul Gandhi: 2023 में अदालत ने राहुल गांधी को किया था तलब
जिले में सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एमपी-एमएलए अदालत गठित होने के बाद इस मामले की सुनवाई में तेजी आई। विशेष अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को मुकदमे की सुनवाई के लिए तलब किया था। समन मिलने के बाद राहुल गांधी 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश हुए थे। उस समय उन्हें जमानत मिल गई थी।इसके बाद राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था और इसे सत्ता पक्ष की साजिश बताया था। मामले में लगातार सुनवाई चल रही थी। अब विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए उन्हें दोषमुक्त कर दिया है।

इससे पहले भी कई नेता हो चुके हैं बरी
सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में इससे पहले भी कई जनप्रतिनिधियों और उनके समर्थकों को अलग-अलग मामलों में बरी किया जा चुका है। इनमें पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह, मौजूदा विधायक विनोद सिंह और सीताराम वर्मा के अलावा पूर्व विधायक सफदर रजा, अनूप संडा, संतोष पांडेय और चंद्रभद्र सिंह सोनू समेत कई नाम शामिल हैं। इन मामलों में अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल नहीं रहा था।
Rahul Gandhi: मुस्लिम विरोधी टिप्पणी से जुड़ी याचिका भी हो चुकी है खारिज
राहुल गांधी के खिलाफ मुस्लिम विरोधी टिप्पणी के आरोप में मुकदमा चलाने की मांग करने वाली एक अन्य याचिका को भी विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने पिछले साल खारिज कर दिया था। अदालत ने ठोस साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर यह फैसला लिया था।यह याचिका अधिवक्ता मोहम्मद अनवर ने दाखिल की थी। इसमें मुजफ्फरनगर में 13 साल पहले हुए दंगों के दौरान मुस्लिमों के कथित संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जोड़ने वाले बयान का हवाला दिया गया था।
फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
राहुल गांधी को बरी किए जाने की खबर सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। अदालत के बाहर कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़े बजाए, नाचकर खुशी जताई और आतिशबाजी की। इस दौरान ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए गए। अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में अदालत के इस फैसले के साथ राहुल गांधी को कानूनी राहत मिली है।








