Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ बर्बरता, पैलेट गन के इस्तेमाल और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए राहुल गांधी पर राजनीतिक लाभ लेने और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के बयानों के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है।
राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई, कील लगे डंडों और शॉक बैटन का इस्तेमाल किया गया तथा महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने ऐसे छात्रों से मुलाकात की है जो गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र और उच्चस्तरीय समिति से कराई जाए।
Rahul Gandhi: संसद में बोलने नहीं देने का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लोकसभा में अपनी बात पूरी रखने का अवसर नहीं दिया गया। उनका कहना था कि उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बार-बार रोका गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनसे माफी मांगने के बाद बोलने देने की बात कही गई, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि वह अपने बयानों के लिए भाजपा, आरएसएस या किसी अन्य संगठन से माफी नहीं मांगेंगे।
बीजेपी ने आरोपों को बताया निराधार
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि उन्हें संसद में बोलने का पूरा अवसर दिया गया था, लेकिन वह अपनी बात प्रभावी ढंग से नहीं रख पाए। उन्होंने राहुल गांधी पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। पात्रा ने कहा कि स्थानीय कानून-व्यवस्था से जुड़े निर्णय प्रशासनिक अधिकारी परिस्थितियों के अनुसार लेते हैं और राहुल गांधी तथ्यों के बिना आरोप लगा रहे हैं।
Rahul Gandhi: माफी की मांग पर बढ़ा सियासी विवाद
भाजपा ने राहुल गांधी के संसद और प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों पर आपत्ति जताते हुए उनसे माफी की मांग की है। पार्टी का कहना है कि उन्होंने सदन को गुमराह करने और गलत संदेश देने का प्रयास किया है। दूसरी ओर राहुल गांधी अपने आरोपों पर कायम हैं और छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग दोहरा रहे हैं। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है।
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