Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र का शुक्रवार को दूसरा और आखिरी दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद जोरदार हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस और भाजपा विधायकों की नारेबाजी के बीच विधानसभा की कार्यवाही केवल 5 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस ने गेट पर रोकने का मुद्दा उठाया
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कांग्रेस विधायकों को गुरुवार को विधानसभा के गेट पर रोके जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मामले पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाने की अनुमति नहीं दी।इसके बाद कांग्रेस विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। जवाब में भाजपा विधायकों ने भी राहुल गांधी को भगोड़ा बताते हुए नारे लगाने शुरू कर दिए। दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक की स्थिति बन गई।
सीजेपी कार्यकर्ताओं की पिटाई पर सवाल
टीकाराम जूली ने स्कूलों का निरीक्षण करने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए।जूली ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति खराब है। ऐसे में जब लोग स्कूलों की स्थिति देखने के लिए वहां पहुंच रहे हैं और उनके साथ मारपीट की जा रही है, तो सरकार इस मामले पर चुप क्यों है।उन्होंने कहा कि विधानसभा में आने वाले विधायकों को पहले कभी गेट पर नहीं रोका गया। जब भाजपा विपक्ष में थी, तब उसके विधायक भी इसी गेट से प्रदर्शन करते हुए विधानसभा में आते थे। ऐसे में गुरुवार को कांग्रेस विधायकों को क्यों रोका गया, इसकी जांच होनी चाहिए।

जूली बोले- जनता के मुद्दे उठाना चाहते हैं
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गुरुवार को कांग्रेस विधायकों को विधानसभा में आने की अनुमति नहीं दी गई और बाद में उनके बारे में कई तरह की बातें कही गईं कि वे खुद सदन में नहीं आना चाहते थे।उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाना चाहती है और लोगों की समस्याओं पर चर्चा करना चाहती है।हंगामे के बीच भाजपा विधायकों ने राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उन्हें भगोड़ा बताते हुए नारे लगाए गए।विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायकों से अपनी-अपनी सीटों पर वापस जाने को कहा, लेकिन हंगामा नहीं रुका। इसके बाद सुबह 11 बजकर 5 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
स्पीकर के आश्वासन के बाद भी नहीं थमा हंगामा
राजस्थान विधानसभा में दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी कांग्रेस विधायकों का विरोध जारी रहा। कांग्रेस विधायक लगातार नारेबाजी करते हुए सदन में हंगामा करते रहे।स्पीकर ने स्थिति संभालने की कोशिश करते हुए कहा कि शून्यकाल पूरा होने के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बावजूद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी बंद नहीं की और सदन का माहौल लगातार गर्म बना रहा।
संसदीय कार्यमंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना
हंगामे के दौरान संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की हत्यारी है और उसके पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है।वहीं, सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि गुरुवार को कांग्रेस विधायकों के साथ कुछ अन्य लोग और असामाजिक तत्व भी मौजूद थे। उनके मुताबिक, इन लोगों को विधानसभा के अंदर लाने की कोशिश की जा रही थी, इसलिए कांग्रेस विधायकों को गेट पर रोका गया।
सदन से पहले कांग्रेस का प्रदर्शन
शुक्रवार सुबह विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विधायक कई मुद्दों को लेकर नारेबाजी करते हुए नजर आए। प्रदर्शन के बाद वे सदन के अंदर पहुंचे।आज प्रश्नकाल और शून्यकाल के बाद कुछ विभागों की सप्लीमेंटरी डिमांड्स को पारित कराया जाएगा। इसके बाद विनियोग संख्या 3 विधेयक पर चर्चा होगी और चर्चा पूरी होने के बाद इसे भी पारित कराया जाएगा।
खाद-बीज संकट पर भी सवाल
प्रश्नकाल के दौरान सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरा जा सकता है। खाद और बीज की समस्या के साथ-साथ स्कूलों की मरम्मत से जुड़े सवाल भी सदन में उठाए जाएंगे। इन मुद्दों पर हंगामे की संभावना बनी हुई है।कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने द्रव्यवती नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड से जुड़ा सवाल लगाया है। वहीं, खाद-बीज संकट को लेकर प्रमोद जैन भाया ने सवाल पूछा है।
UCC बिल पर आज फैसला नहीं
राजस्थान विधानसभा में आज समान नागरिक संहिता यानी UCC बिल पेश होने की संभावना कम नजर आ रही है। गुरुवार को सरकारी मुख्य सचेतक ने कहा था कि UCC बिल को सदन में रखा जाएगा। हालांकि, शुक्रवार की विधानसभा की कार्यसूची में UCC बिल को पेश करने का कोई उल्लेख नहीं है।मौजूदा विधानसभा सत्र केवल दो दिनों के लिए रखा गया है। अब नवंबर में विधानसभा का अगला सत्र बुलाया जाएगा। उस दौरान UCC बिल के साथ ट्री प्रोटक्शन बिल को भी सदन में पारित कराने की तैयारी है।








