Rajnath Singh Korea Visit: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समय दक्षिण कोरिया के दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य रक्षा साइबरस्पेस और सैन्य प्रशिक्षण के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को मजबूत करना है।ये अहम समझौते सियोल शहर में भारत के रक्षा मंत्री और उनके दक्षिण कोरियाई समकक्ष Ahn Gyu-back के बीच किए गए।
भारतीय समुदाय को किया संबोधित
अपने दौरे के दौरान रक्षा मंत्री ने वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी बातचीत की और उन्हें संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने भारत की नीतियों, विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे।
परमाणु नीति पर भारत का स्पष्ट रुख
अपने भाषण में राजनाथ सिंह ने भारत की परमाणु नीति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पहले और आज के भारत में बड़ा बदलाव आया है। एक समय था जब दुनिया भारत को केवल “सॉफ्ट पावर” के रूप में देखती थी, लेकिन अब भारत को एक ऐसी ताकत के रूप में देखा जाता है जो समस्याओं का समाधान देने में सक्षम है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है और वह ‘नो फर्स्ट यूज’ (पहले परमाणु हमला न करने) की नीति का पालन करता है। भारत इस नीति को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई बार दोहरा चुका है और चाहता है कि बाकी देश भी इसे अपनाएं।
भारत एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है और ‘नो फर्स्ट यूज़’ की नीति पर दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। भारत किसी भी प्रकार के न्यूक्लियर ब्लैकमेल को कभी स्वीकार नहीं करेगा। pic.twitter.com/HfIjxQNcxg
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) May 20, 2026
Rajnath Singh Korea Visit: ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेल’ पर सख्त चेतावनी
रक्षा मंत्री ने कहा कि कई बार भारत के शांत और संयमित रवैये को कमजोरी समझ लिया जाता है, जो सही नहीं है।उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत अपनी ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन अगर कोई देश परमाणु धमकी या दबाव बनाने की कोशिश करता है, तो भारत उसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करेगा।
राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि मौजूदा सरकार के समय में रक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। अब भारत की नीति केवल प्रतिक्रिया देने वाली (Reactive) नहीं रही, बल्कि पहले से तैयारी करने वाली (Proactive) बन गई है।उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की ओर बढ़ता भारत
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत तेजी से स्वदेशी रक्षा उत्पादन (Indigenous Defence Manufacturing) को बढ़ावा दे रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है और साथ ही सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भी तेजी आई है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इन बदलावों ने लोगों के विश्वास को और मजबूत किया है कि भारत तेजी से एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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