Home » धर्म » Ram Mandir Dhwajarohan 2025: क्यों अभिजीत मुहूर्त में ही होते हैं राम मंदिर के श्रेष्ठ संस्कार?

Ram Mandir Dhwajarohan 2025: क्यों अभिजीत मुहूर्त में ही होते हैं राम मंदिर के श्रेष्ठ संस्कार?

Abhijit Muhurat का महत्व और राम मंदिर के श्रेष्ठ संस्कार

Ram Mandir Dhwajarohan Abhijit Muhurat 2025: विवाह पंचमी के दिन यानि आज 25 नवंबर मंगलवार को अयोध्या के राम मंदिर में ध्वजारोहण किया जाएगा। किसी भी शुभ कार्य के लिए विशेषज्ञों द्वारा एक विशेष मुहूर्त निकाला जाता है, आज ध्वजारोहण का अभिजीत मुहूर्त सुबह के 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर के 12 बजकर 29 मिनट तक बताया गया है। ऐसे में कई लोगों को किसी अच्छे कार्य के लिए अभिजीत मुहूर्त को चुनने का महत्व पता नहीं है। आज हम जानेंगे कि आखिर क्यों राम मंदिर के सभी आयोजन अभिजीत मुहूर्त में ही क्यों करवाए जाते हैं।

Abhijit Muhurat का महत्व और राम मंदिर के श्रेष्ठ संस्कार
Abhijit Muhurat का महत्व और राम मंदिर के श्रेष्ठ संस्कार

Abhijit Muhurat: सनातन धर्म का सबसे शुभ और विजयी समय

Ram Mandir Dhwajarohan 2025: शास्त्रों के मुताबिक सनातन धर्म में सबसे उत्तम और श्रेष्ठ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त ही माना जाता है। इसे यश अथवा विजय प्राप्ति का समय भी कहते है। हर दिन 48 मिनट के लिए यह मुहूर्त होता है और इसी मुहूर्त में भगवान राम ने अयोध्या में जन्म भी लिया था। इसी वजह से राम मंदिर के सभी विशेष कार्यक्रम अभिजीत मुहूर्त जिसे ईश्वरीय समय में ही करवाए जाते हैं। किसी भी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा, ध्वजारोहण और कोई भी कार्य करवाने के लिए यही मुहूर्त सबसे अहम माना जाता है। साथ ही अगर इस समय कार्य किया जाए तो सूर्य देव का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।

Abhijit Muhurat का महत्व और राम मंदिर के श्रेष्ठ संस्कार
Abhijit Muhurat का महत्व और राम मंदिर के श्रेष्ठ संस्कार

दोषों से मिल जाती है मुक्त होता

Ram Mandir Dhwajarohan 2025: अभिजीत मुहूर्त त्रिकालदोष अथवा पंचांग दोषों से भी मुक्ति माना जाता है, क्योंकि यह किसी तिथि, नक्षत्र अथवा वार पर निर्भर नहीं रहता है। इस मुहूर्त का वर्णन वाल्मीकि रामायण में भी किया गया है। श्री राम का जन्म भी दिन के 12:00 बजे इसी मुहूर्त पर हुआ था। यही नहीं इस मुहूर्त को श्री हरि नारायण का काल माना जाता है।

Disclaimer: इस लेख में बताई गई सभी जानकारी धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी पूजा व अनुष्ठान करवाने के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Read More: Tulsi Benefits: हर शाम घी का दीपक जलाने से क्यों मिलता है सुख-समृद्धि?