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राम मंदिर दान चोरी मामले में योगी ने SIT को सौंपा जाँच का जिम्मा

Ram Mandir: राम मंदिर चोरी मामले पर योगी का एक्शन, SIT गठित

Ram Mandir: अयोध्या स्थित राम मंदिर के दान पात्रों से धनराशि की कथित चोरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। बढ़ते विवाद, सोशल मीडिया पर फैल रही चर्चाओं और राजनीतिक बयानबाजी के बीच उत्तर प्रदेश शासन ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन कर दिया है। यह दल पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और व्यापक जांच करेगा। शासन के निर्देशानुसार एसआईटी सात दिनों के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी

गठित विशेष जांच दल में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक रेंज किरन एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है। यह टीम दान पात्रों से धनराशि चोरी के आरोपों, उससे जुड़े तथ्यों और अब तक सामने आए सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी। शासन का उद्देश्य मामले से जुड़ी सच्चाई को सामने लाना और श्रद्धालुओं के बीच फैली शंकाओं को दूर करना है।

Ram Mandir: ट्रस्ट ने की थी निष्पक्ष जांच की मांग

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की एसआईटी जांच कराने का अनुरोध किया था। ट्रस्ट का कहना था कि सोशल मीडिया पर लगातार भ्रामक जानकारियां और अफवाहें प्रसारित की जा रही हैं, जिससे देशभर के श्रद्धालुओं में भ्रम और असमंजस की स्थिति बन रही है। ट्रस्ट का मानना है कि विशेष जांच दल की निष्पक्ष जांच से वास्तविक तथ्य सामने आएंगे और गलत सूचनाओं पर विराम लगेगा।

राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा विवाद

इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण से जुड़े कई पहलू अभी स्पष्ट नहीं हैं और सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत और पूछताछ से जुड़ी खबरें विभिन्न माध्यमों से सामने आ रही हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर विरोधाभासी बयान दिए जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में जिम्मेदार लोग कौन हैं और कथित अनियमितताओं के पीछे किसका संरक्षण है। अब सभी की नजरें एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

 

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