Ramayana Costume Controversy: नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही 4000 करोड़ रुपये के बजट वाली फिल्म ‘रामायण’ इस समय देश की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल है। फिल्म का ट्रेलर सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसकी भव्यता, विजुअल इफेक्ट्स और स्टारकास्ट की जमकर तारीफ हुई, लेकिन इसके साथ ही कुछ कॉस्ट्यूम्स को लेकर बहस भी शुरू हो गई। खासतौर पर सीता और कैकेयी के लुक को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अब इस पूरे विवाद पर फिल्म के कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स रिंपल और हरप्रीत नरूला ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
ट्रेलर के बाद कॉस्ट्यूम्स पर उठे सवाल
फिल्म में साई पल्लवी द्वारा निभाए गए माता सीता के किरदार के कॉस्ट्यूम, खासकर उनके ब्लाउज के डिजाइन को लेकर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए। वहीं, कैकेयी के रोल में नजर आ रही लारा दत्ता की साड़ी, उसके बॉर्डर और ब्लाउज के डिजाइन की तुलना पुराने पौराणिक टीवी धारावाहिकों से की जाने लगी। इन प्रतिक्रियाओं के बाद फिल्म के कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स ने स्पष्ट किया कि हर लुक को गहन रिसर्च और सोच-विचार के बाद तैयार किया गया है।
Ramayana Costume Controversy:’मेरी चेतना में देवी सीता ऐसी ही हैं’
एक इंटरव्यू के दौरान रिंपल नरूला ने कहा कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि रामायण जैसे महान महाकाव्य पर बनने वाली फिल्म को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आएगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा विषय है, इसलिए कास्टिंग से लेकर कॉस्ट्यूम और विजुअल्स तक हर पहलू पर चर्चा होना स्वाभाविक है।सीता के लुक पर उठे विवाद को लेकर रिंपल ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत कल्पना और आस्था का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि जब वह आंखें बंद करके देवी सीता की कल्पना करती हैं, तो उनके मन में ठीक ऐसा ही स्वरूप उभरता है। उनके अनुसार यह कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं, बल्कि पूरी संवेदनशीलता और सोच के साथ तैयार किया गया डिजाइन है।
Ramayana Costume Controversy:कैकेयी के रंगों में छिपी है कहानी
कॉस्ट्यूम डिजाइनर हरप्रीत नरूला ने कैकेयी के लुक पर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि उनके परिधान का हर रंग और हर डिजाइन किरदार की भावनाओं को दर्शाने के लिए चुना गया है। उन्होंने बताया कि हरा रंग मातृत्व और ममता का प्रतीक है, जबकि गहरा मैरून रंग कैकेयी के मानसिक संघर्ष, भावनात्मक मजबूती और उस कठिन निर्णय की ओर इशारा करता है, जिसने पूरी रामायण की कहानी को नई दिशा दी।हरप्रीत के मुताबिक, कैकेयी सिर्फ एक नकारात्मक पात्र नहीं थीं, बल्कि एक ऐसी मां थीं जो अपने बेटे भरत और राम के प्रति अपने कर्तव्यों के बीच उलझी हुई थीं। यही भाव उनके कॉस्ट्यूम के रंगों और डिजाइन में दिखाने की कोशिश की गई है।नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही 4000 करोड़ रुपये के बजट वाली फिल्म ‘रामायण’ इस समय देश की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल है। फिल्म का ट्रेलर सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसकी भव्यता, विजुअल इफेक्ट्स और स्टारकास्ट की जमकर तारीफ हुई, लेकिन इसके साथ ही कुछ कॉस्ट्यूम्स को लेकर बहस भी शुरू हो गई। खासतौर पर सीता और कैकेयी के लुक को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अब इस पूरे विवाद पर फिल्म के कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स रिंपल और हरप्रीत नरूला ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
ट्रेलर के बाद कॉस्ट्यूम्स पर उठे सवाल
फिल्म में साई पल्लवी द्वारा निभाए गए माता सीता के किरदार के कॉस्ट्यूम, खासकर उनके ब्लाउज के डिजाइन को लेकर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए। वहीं, कैकेयी के रोल में नजर आ रही लारा दत्ता की साड़ी, उसके बॉर्डर और ब्लाउज के डिजाइन की तुलना पुराने पौराणिक टीवी धारावाहिकों से की जाने लगी। इन प्रतिक्रियाओं के बाद फिल्म के कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स ने स्पष्ट किया कि हर लुक को गहन रिसर्च और सोच-विचार के बाद तैयार किया गया है।एक इंटरव्यू के दौरान रिंपल नरूला ने कहा कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि रामायण जैसे महान महाकाव्य पर बनने वाली फिल्म को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आएगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा विषय है, इसलिए कास्टिंग से लेकर कॉस्ट्यूम और विजुअल्स तक हर पहलू पर चर्चा होना स्वाभाविक है।सीता के लुक पर उठे विवाद को लेकर रिंपल ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत कल्पना और आस्था का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि जब वह आंखें बंद करके देवी सीता की कल्पना करती हैं, तो उनके मन में ठीक ऐसा ही स्वरूप उभरता है। उनके अनुसार यह कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं, बल्कि पूरी संवेदनशीलता और सोच के साथ तैयार किया गया डिजाइन है।
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