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दुनिया भारत से नई राह की उम्मीद कर रही है – मोहन भागवत ने देश को दिया आत्मबल और मजबूती का मंत्र

RSS NEWS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत का समय आ चुका है, लेकिन केवल अनुकूल परिस्थितियों के भरोसे बैठने से लक्ष्य हासिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि देश और समाज को अपनी जिम्मेदारियों के लिए पूरी तरह तैयार होना होगा। नागपुर में आयोजित संघ के ‘वार्षिक कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय’ प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।

दुनिया भारत की ओर देख रही है

मोहन भागवत ने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया भारत की ओर नई दिशा और समाधान की उम्मीद से देख रही है। ऐसे में देश को अपनी सामूहिक शक्ति बढ़ाने और हर क्षेत्र में खुद को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया को नई राह दिखाने की क्षमता रखता है, लेकिन इसके लिए समाज को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

RSS NEWS: हिंदू समाज पहले से अधिक जागरूक

संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदू समाज आज पहले की तुलना में अधिक जागरूक, सक्रिय और अपनी पहचान के प्रति सजग हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बढ़ती सामाजिक चेतना के सकारात्मक परिणाम देशभर में दिखाई दे रहे हैं और यह भविष्य के लिए शुभ संकेत है।

वैश्विक संकटों का असर भारत पर भी

अपने संबोधन में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया इस समय आर्थिक और भू-राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। उन्होंने अमेरिका-ईरान तनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे वैश्विक संघर्षों का सीधा प्रभाव भारत में ईंधन और तेल की कीमतों पर पड़ता है, इसलिए भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत बनने की जरूरत है।

RSS NEWS: सांस्कृतिक विरासत ही भारत की ताकत

मोहन भागवत ने कहा कि भारत को अपनी सांस्कृतिक विरासत, मूल्यों और जीवन दृष्टि के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन देशों ने कभी भारत पर शासन किया, वे सांस्कृतिक या बौद्धिक रूप से भारत से श्रेष्ठ नहीं थे। भारत की वास्तविक शक्ति उसकी सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना में निहित है।

दुनिया शक्ति की भाषा समझती है

संघ प्रमुख ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में अक्सर ताकत की भाषा को अधिक महत्व दिया जाता है। भारत सत्य और नैतिकता की बात करता है, लेकिन उसकी बात को प्रभावी ढंग से सुने जाने के लिए देश को आर्थिक, सामाजिक और सामरिक रूप से मजबूत बनना होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया उसी की सुनती है जिसके पास शक्ति होती है।

RSS NEWS: भारत का उद्देश्य विश्व कल्याण

मोहन भागवत ने कहा कि भारत एक धर्मप्राण राष्ट्र है और उसका उद्देश्य किसी देश पर प्रभुत्व स्थापित करना नहीं, बल्कि दुनिया को संतुलन, नैतिकता और सही जीवन का मार्ग दिखाना है। उन्होंने कहा कि आरएसएस का कार्य किसी संगठन की प्रसिद्धि या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र के उत्थान के लिए है।

समारोह में शामिल हुए उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला

कार्यक्रम में देश के प्रमुख उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समापन समारोह में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों और संघ पदाधिकारियों ने भाग लिया।

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