Russia Ukraine War: यूक्रेन युद्ध को रोकने में अमेरिका जी-जान से प्रयास कर रहा है। अभी जर्मनी की राजधानी बर्लिन में अमेरिकी प्रतिनिधियों से चल रही वार्ता में यूरोप एक जुट हो कर कोई हल निकालने के प्रयास कर रहा है। बैठक में शामिल होने के लिए फ्रांस के राष्ट्पति इमैनुएल मैक्रों बर्लिन में हैं। बैठक में ब्रिटेन, इटली, नीदरलैंड, पोलैंड, स्वीडन, यूरोपियन यूनियन के कमीशन की प्रमुख उर्सला वान डेरलिएन और नाटों के महासचिव मार्क रूट भी शामिल हैं। क्हने का मतलब यह है कि युद्ध की गंभीरता को देखते हुए यूरोप शांति की ओर बढ़ने के लिए अपनी उस हट को सरंडर कर सकता है, जिसके कारण नाटो में शामिल होने के लिए यूक्रेन पर दबाव था। नाटो में शामिल करने के लिए अमेरिका का पहले बहुत दबाव था। इसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्पति जो बाइडन का मुख्य दबाव था। लेकिन वर्तमान राष्ट्पति पद संभालते ही युद्ध की समाप्ति के लिए लगातार कोशिश कर रहा थे।
अनौपचारिक बैठक के शुरुआती दौर में रविवार को अमेरिका के प्रतिनिधि राष्ट्पति के दूत स्टीव विटकाफ और दामाद जेरेड कुशनर ने यूक्रेन के राष्ट्पति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ विस्तार से बात की, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मौजूदगी में जेलेंस्की के साथ हुई चर्चा को सभी ने काफी संतोशजनक माना। नाटो की सदस्यता और डोनवास मसले पर समझाौते के आसार। इसमें बताया जा रहा है कि रूस का रुख सकारात्मक था। दूसरी ओर जेलेंस्की के तेवर ढ़ीले थे।
बर्लिन में हुई समझौता वार्ता को अमेरिका ने सकारात्मक बताया। लेकिन यह बात अभी सामने नहीं आई कि जेलेंस्की किन शांति प्रस्ताव के विंदुओं पर सहमत हुए हैं। लेकिन इस बात की घोषणा कर चुके हैं कि नाटो के साथ यानी सैन्य संगठन के साथ सदस्यता को वापस लेता हूं। लेकिन बदले में अमेरिका और यूरोप से सुरक्षा की गारंटी चाहता हूं। हालांकि यह जेलेंस्की का नरम रुख है; फिर भी आत्म रक्षा की चिंता है। सुरक्षा गारंटी में वह पश्चिमी देशों की सेना को यूक्रेन में चाहते हैं। इस शर्त के लिए फिलहाल रूस तैयार नहीं है। लेकिन रूस ने यूक्रेन के नाटो से हटने के प्रस्ताव पर प्रसन्नता जताई।
रूसी संपत्ति की गारंटी से यूक्रेन को कर्ज देने की तैयारी में युद्ध रुकवाने के लिए वार्ता तब शुरू हुई, जब यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के नेता ब्रसेल्स में रूस की फ्रीज की हुई 250 अरब डालर की संपत्ति की गारंटी से यूक्रेन को कर्ज देने का निर्णय लेंगे। यूरोपीय संघ ने रूस की संपत्ति को फ्रीज करने का निर्णय लिया था। रूस ने ईयू के कदम को अवैधानिक बताया और इसकी याचिका मास्को के न्यायालय में दायर कर दी है। इस तरह से उम्मीद करनी चाहिए कि एक लड़ाई जिसने सभी देशों को आर्थिक संकट की ओर धकेला, उसका कोई निर्णायक रास्ता निकलेगा।
ये भी पढ़े… आतंक से परेशान हर देश, क्या है हल ?






