Sanjeev Arora case: पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष PMLA अदालत ने संजीव अरोड़ा और उनकी कंपनी हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) के खिलाफ संज्ञान लिया है। अदालत ने दोनों को 2 नवंबर को पेश होने के लिए समन जारी किया है।
Sanjeev Arora case: अदालत ने प्रथमदृष्टया मामला माना-
विशेष न्यायाधीश नरेंद्र सुरा ने संजीव अरोड़ा और HSRL के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 3 सहपठित धारा 70 के तहत प्रथमदृष्टया मामला पाया। अदालत के आदेश के बाद मामले की न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी।
Sanjeev Arora case: ED ने पहले की थी गिरफ्तारी-
ED ने 9 मई को चंडीगढ़ स्थित संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास पर तलाशी के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। उसी रात करीब 11:20 बजे उन्हें विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया था। एजेंसी ने हिरासत की मांग की थी, जिसके बाद अदालत ने सात दिन की ED हिरासत मंजूर की थी।
157.12 करोड़ रुपये के कारोबार का आरोप-
ED के अनुसार, HSRL ने 2023 में करीब 157.12 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन कारोबार को दर्शाया था। एजेंसी का आरोप है कि इसमें लगभग 102.50 करोड़ रुपये के निर्यात की रकम UAE स्थित दो कंपनियों के जरिए आई।
फर्जी खरीद और शेल कंपनियों की भी जांच-
जांच एजेंसी ने कथित फर्जी खरीद, शेल कंपनियों और GST रिफंड से जुड़े लेनदेन की भी जांच की है। ED ने जुलाई में इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी।
2 नवंबर को होगी अगली पेशी-
अदालत के संज्ञान लेने के बाद संजीव अरोड़ा और उनकी कंपनी को 2 नवंबर को अदालत में पेश होना होगा। फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है और लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की कार्यवाही के बाद ही होगा।
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