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प्रशांण त भूषके ‘सत्ता परिवर्तन’ वाले बयान पर बवाल, नितिन नवीन ने क्या कहा?

SIR CONTROSVERSY: एडवोकेट प्रशांत भूषण के ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन वाले बयान को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘रिजीम चेंज’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल से विपक्ष का असली एजेंडा सामने आ गया है।

नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे ‘अर्बन नक्सल’ के एजेंडे से जोड़ते हुए विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए। हालांकि, ये नितिन नवीन के आरोप हैं।

‘चुनावी सुधार नहीं, सत्ता हासिल करना मकसद’

BJP अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई चुनावी व्यवस्था में सुधार, एसआईआर (SIR) या देश के युवाओं के भविष्य के लिए नहीं है। उनके मुताबिक, विपक्ष का उद्देश्य देश में अराजकता फैलाकर किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना है।

नितिन नवीन ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता हासिल करने का रास्ता जनादेश से होकर गुजरता है, अराजकता से नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि BJP और देश की जनता लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देंगी।

SIR CONTROSVERSY: प्रशांत भूषण ने सत्ता परिवर्तन पर क्या कहा था?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एसआईआर में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी प्रदर्शनों के बीच एडवोकेट प्रशांत भूषण ने 15 अक्टूबर को सत्ता परिवर्तन को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि विपक्ष फिलहाल निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए लड़ रहा है। लेकिन अगर इसी तरह की कथित बर्बरता जारी रही, तो सत्ता परिवर्तन निश्चित रूप से होगा।

SIR CONTROSVERSY
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‘सत्ता परिवर्तन हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार’

प्रशांत भूषण ने अपने बयान में कहा कि सत्ता परिवर्तन चाहने में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि BJP ने भी सत्ता परिवर्तन के लिए कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है। भूषण के मुताबिक, लोकतंत्र में सरकार के प्रति असंतोष जताना और सत्ता बदलने की मांग करना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत सरकार के प्रति असंतोष पैदा करना अपने आप में अपराध नहीं है।

SIR CONTROSVERSY: SIR को लेकर जारी है सियासी टकराव

एसआईआर की प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था को लेकर विपक्ष के आरोपों के बीच BJP और विपक्षी नेताओं के बीच बयानबाजी जारी है। प्रशांत भूषण ने निष्पक्ष चुनाव की मांग और संभावित सत्ता परिवर्तन की बात कही, जबकि नितिन नवीन ने उनके बयान को विपक्ष के एजेंडे से जोड़कर उसकी आलोचना की। अब इस विवाद के केंद्र में दो सवाल हैं- क्या ‘रिजीम चेंज’ का बयान केवल लोकतांत्रिक सत्ता परिवर्तन की मांग है या BJP इसे किसी बड़ी राजनीतिक साजिश से जोड़कर देख रही है? इन सवालों पर दोनों पक्षों के बयानों के बीच सियासी बहस जारी है।

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