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अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस का नोटिस, तिरंगा यात्रा रोकने के लिए गिनाए 9 कारण

Abhijit Dipke Notice:

Abhijit Dipke Notice: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की प्रस्तावित ‘तिरंगा यात्रा’ से पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को नोटिस जारी किया है। पुलिस की एक टीम दिल्ली में एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता अनीश गवांडे के घर पहुंची, जहां अभिजीत दीपके ठहरे हुए हैं। पुलिस ने नोटिस में कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क में लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए कहा है कि बिना अनुमति तिरंगा यात्रा निकालने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने यात्रा की अनुमति नहीं देने के पीछे कई कारण भी बताए हैं।

Abhijit Dipke Notice: बिना अनुमति यात्रा निकालने पर कार्रवाई की चेतावनी

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर लोगों से 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस पहुंचने की अपील की गई। पुलिस का कहना है कि यह दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि अभिजीत दीपके निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए कनॉट प्लेस पहुंचते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

Abhijit Dipke Notice: दिल्ली पुलिस ने तिरंगा यात्रा रोकने के लिए बताए ये 9 कारण

1. कनॉट प्लेस में भीड़ से भगदड़ का खतरा

दिल्ली पुलिस का कहना है कि कनॉट प्लेस एक व्यस्त बाजार है। यहां गोलाकार क्षेत्र में प्रवेश और बाहर निकलने के रास्ते सीमित हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने से यातायात बाधित हो सकता है और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा है।

2. व्यापारियों और कारोबार पर पड़ सकता है असर

कनॉट प्लेस में कई शोरूम, होटल, रेस्टोरेंट, बैंक और कार्यालय हैं। यहां बड़ी संख्या में रेहड़ी-पटरी वाले भी काम करते हैं। पुलिस के मुताबिक, त्योहारों के मौसम में शाम और सप्ताहांत के दौरान प्रदर्शन होने से कारोबार प्रभावित हो सकता है। पुलिस ने दावा किया है कि 15 लाख से अधिक व्यापारी और कर्मचारी इस व्यावसायिक गतिविधि पर निर्भर हैं।

3. राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर बढ़ सकता है दबाव

कनॉट प्लेस के नीचे राजीव चौक मेट्रो स्टेशन स्थित है, जो ब्लू और येलो लाइन का प्रमुख जंक्शन है। पुलिस ने इसे दिल्ली के सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशनों में से एक बताते हुए कहा है कि यहां रोजाना लगभग दो लाख लोग आते-जाते हैं। भीड़ बढ़ने से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

4. सेंट्रल दिल्ली में यातायात प्रभावित होने की आशंका

कनॉट प्लेस से कई प्रमुख सड़कें निकलती हैं, जो दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ती हैं। पुलिस का कहना है कि यहां जाम लगने से सेंट्रल दिल्ली के बड़े हिस्से में यातायात प्रभावित हो सकता है। इस संबंध में पुलिस ने अमित सैनी बनाम पुलिस कमिश्नर मामले का हवाला देते हुए कहा है कि विरोध-प्रदर्शनों के कारण आम लोगों की आवाजाही बाधित नहीं होनी चाहिए।

5. सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है भीड़

कनॉट प्लेस के आसपास संसद भवन, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और कई दूतावास स्थित हैं। पुलिस के अनुसार, यदि प्रदर्शन के दौरान भीड़ इन संवेदनशील क्षेत्रों की ओर बढ़ती है, तो सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो सकता है।

6. एंबुलेंस और दमकल की आवाजाही में परेशानी

पुलिस ने नोटिस में कनॉट प्लेस की पुरानी इमारतों और संकरी सर्विस लेन का भी उल्लेख किया है। पुलिस का कहना है कि इन रास्तों पर पहले से ही दमकल की गाड़ियों और एंबुलेंस की आवाजाही में दिक्कत होती है। ऐसे में प्रदर्शन के दौरान भीड़ जमा होने से आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

7. धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। इसके तहत आदेश में निर्धारित प्रतिबंधों का पालन करना जरूरी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

8. पहले के प्रदर्शनों में शांति भंग होने का दावा

पुलिस ने CJP के पिछले प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कहा है कि पहले भी कुछ प्रदर्शनों के दौरान शांति भंग होने की स्थिति बनी थी। पुलिस के मुताबिक, पूर्व में अनुमति मिलने के बावजूद प्रदर्शन की शर्तों का उल्लंघन किया गया था।

9. संसद मार्च के दौरान हिंसा का हवाला

दिल्ली पुलिस ने नोटिस में CJP के संसद मार्च का भी उल्लेख किया है। पुलिस का दावा है कि उस दौरान हिंसा हुई थी और सरकारी तथा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। इसी आधार पर पुलिस ने प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई हैं।

नोटिस के बाद क्या करेंगे अभिजीत दीपके

दिल्ली पुलिस के नोटिस के बाद CJP की ओर से आगे की रणनीति को लेकर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि अभिजीत दीपके नोटिस पर अपने वकीलों से चर्चा कर रहे हैं और कानूनी सलाह ले रहे हैं। पुलिस ने कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन पर प्रतिबंध का हवाला दिया है। अब दीपके कानूनी सलाह के आधार पर तय करेंगे कि तिरंगा यात्रा को लेकर आगे क्या कदम उठाया जाए।

दो दिन के लिए बंद रहेगा सेंट्रल पार्क

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने शुक्रवार और शनिवार को सेंट्रल पार्क आम जनता के लिए बंद रखने का फैसला किया है। इसके पीछे प्रशासनिक कारण बताए गए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह कुछ चुनिंदा लोगों को किसी उपयुक्त स्थान पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने की सुविधा दे सकती है। ऐसे में तिरंगा यात्रा को लेकर आगे की स्थिति पुलिस और CJP के बीच होने वाली बातचीत तथा कानूनी सलाह पर निर्भर करेगी।

नोटिस को लेकर पुलिस से सवाल करते दिखे अभिजीत दीपके

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अभिजीत दीपके पुलिसकर्मी से नोटिस को लेकर सवाल करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह कांच की मेज पर रखे दस्तावेजों को देखते हुए उनमें लिखी बातों पर आपत्ति जताते हैं। दीपके पुलिसकर्मी से पूछते हैं कि उन पर किस तरह के आरोप लगाए गए हैं। वह नोटिस की भाषा पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि इसे नोटिस कैसे कहा जा सकता है और इसमें मनमाने तरीके से बातें लिखी गई हैं। फिलहाल, दिल्ली पुलिस के नोटिस के बाद CJP की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आगे की कार्रवाई अभिजीत दीपके के कानूनी परामर्श और पुलिस के साथ होने वाली बातचीत के आधार पर तय हो सकती है।

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