26 फरवरी गुरुवार पंचांग: 10 शुभ योग, जानें दशमी-एकादशी का संपूर्ण शुभ-अशुभ समय

आज का संपूर्ण शुभ-अशुभ समय

26 फरवरी का पंचांग धार्मिक दृष्टि से विशेष है। इस दिन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के बाद एकादशी शुरू होगी। मृगशिरा और आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा तथा रवि योग पूरे दिन शुभ फलदायी माना गया है। अभिजित, विजय और ब्रह्म मुहूर्त जैसे कई शुभ समय उपलब्ध हैं, जबकि राहुकाल, यमगंड और दुर्मुहूर्त में सावधानी रखने की सलाह दी गई है। गुरुवार होने के कारण भगवान नारायण और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का भी विशेष महत्व है।

विजया एकादशी, नारायण की प्राप्ति का विशेष दिन, ये हैं शुभ-अशुभ दिन

सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। इसके पांच अंग – तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार – के आधार पर शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। शुभ कार्यों के लिए राहुकाल का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। राहुकाल सुबह 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

14 जनवरी को दुर्लभ संयोग की दुविधा: मकर संक्रांति पर एकादशी का संयोग, खिचड़ी खाएं या नहीं?

मकर संक्रांति पर बना दुर्लभ संयोग

मकर संक्रांति इस बार खास है क्योंकि इसी दिन षटतिला एकादशी भी पड़ रही है। एक ओर एकादशी पर चावल निषिद्ध माने जाते हैं, वहीं संक्रांति पर खिचड़ी की परंपरा है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार एकादशी की तिथि समाप्त होने के बाद खिचड़ी का सेवन किया जा सकता है, जिससे दोनों परंपराओं का पालन संभव है।

पौष पुत्रदा एकादशी पर शिवलिंग में चढ़ाएं ये 5 चीजें

पौष पुत्रदा एकादशी पर शिवलिंग में चढ़ाएं ये चीजें

30 दिसंबर को पड़ने वाली पौष पुत्रदा एकादशी पर शिवलिंग की विशेष पूजा का अत्यंत महत्व माना जाता है। वैदिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान नारायण और बाबा महाकाल दोनों की कृपा प्राप्त करने के लिए शिवलिंग पर पांच विशेष वस्तुओं का अर्पण शुभ माना गया है, जिससे मनोकामनाओं की सिद्धि और जीवन के संकटों से मुक्ति मिलती है।

Tulsi Pujan: पौष माह में तुलसी पूजन का विशेष महत्व-पत्तों पर यह लिखने से दूर होंगे सभी संकट, जानें अचूक उपाय

पौष माह की शुरुआत और उसका महत्व

Paush Maas Tulsi Pujan: 4 दिसंबर की पूर्णिमा के बाद मार्गशीर्ष माह समाप्त हो जाएगा और हिन्दू कैलेंडर के अनुसार साल का दसवां माह पौष प्रारंभ होने वाला है। पौष महीने की शुरुआत होते ही खरमास भी शुरू हो जाता है। इस महीने में किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन इत्यादि नहीं … Read more