12 जून का पंचांग: राहुकाल से लेकर अमृत काल तक, जानें दिनभर का पूरा शुभ-अशुभ समय
12 जून 2026, शुक्रवार का दिन प्रदोष व्रत के कारण विशेष महत्व रखता है। इस दिन द्वादशी और त्रयोदशी तिथि, भरणी नक्षत्र, सुकर्मा योग तथा कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। भगवान शि
12 जून 2026, शुक्रवार का दिन प्रदोष व्रत के कारण विशेष महत्व रखता है। इस दिन द्वादशी और त्रयोदशी तिथि, भरणी नक्षत्र, सुकर्मा योग तथा कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। भगवान शि
7 जून 2026 को अधिक भानु सप्तमी के अवसर पर द्विपुष्कर योग और रवि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह दिन सूर्य उपासना, दान, जप, ध्यान और धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। जानें पूरे दिन का पंचांग और मुहूर्त।
पुरुषोत्तम मास के 20वें दिन 5 जून को सर्वार्थ सिद्धि योग सहित कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, जप और दान का विशेष महत्व है। जानें पंचमी तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त और अन्य महत्वपूर्ण समय।
4 जून 2026 को विभुवन संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी। यह पर्व पुरुषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष में पड़ रहा है। इस दिन भगवान गणेश के विभुवन स्वरूप की पूजा की जाती है। जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, योग, चंद्रोदय, राहुकाल और अन्य महत्वपूर्ण पंचांग जानकारी।
24 मई 2026 को पुरुषोत्तम मास के नौवें दिन अभिजीत और विजय मुहूर्त समेत कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा, व्रत और भजन-कीर्तन का विशेष महत्व माना गया है।
ज्येष्ठ मास की मासिक शिवरात्रि शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। शुभ योग, अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और भद्रा के समय के साथ शिवलिंग अभिषेक और व्रत का महत्व भी बताया गया है।
14 मई को गुरु प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अभिजीत मुहूर्त का शुभ संयोग बन रहा है। भगवान शिव की पूजा, रुद्राभिषेक और व्रत के लिए दिन बेहद खास माना जा रहा है। साथ ही राहुकाल और पंचक का समय जानना भी जरूरी रहेगा।
अपरा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत, पूजा और मंत्र जाप से पाप नाश और सुख समृद्धि मिलती है। 13 मई को आने वाली इस तिथि में शुभ मुहूर्त, पंचांग और धार्मिक मान्यताएं अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
8 मई शुक्रवार को ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी तिथि रहेगी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और विजय मुहूर्त का शुभ संयोग बन रहा है। वहीं भद्रा, राहुकाल, यमगंड और दुर्मुहूर्त का समय भी प्रभावी रहेगा। पंचांग के अनुसार शुभ कार्यों के लिए कई उत्तम मुहूर्त उपलब्ध हैं।
7 मई को ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी का विशेष पंचांग है जिसमें अभिजित और विजय मुहूर्त का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि काल, राहुकाल और अन्य शुभ-अशुभ समय का विस्तार से वर्णन किया गया है, जो नए कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है।