बार-बार फंगल इंफेक्शन क्यों होता है? क्या यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत है?

Fungal Infection:

Fungal Infection: बार-बार होने वाला फंगल इंफेक्शन सिर्फ त्वचा की सामान्य समस्या नहीं हो सकता। एक्सपर्ट से जानें इसके कारण, कब यह चिंता का विषय बन सकता है और बचाव के तरीके।

Fungal Infection: क्या बार-बार होने वाला फंगल इंफेक्शन खतरनाक है-

फंगल इंफेक्शन एक आम समस्या है, लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार इंफेक्शन होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कभी-कभी इंफेक्शन पूरी तरह ठीक नहीं होता, सही प्रकार के फंगस की पहचान नहीं हो पाती या दवा का असर पर्याप्त नहीं होता। Dr. Chandani Jain Gupta, MBBS & MD, Dermatologist & Aesthetic Physician, Elantis Healthcare, New Delhi के अनुसार, बार-बार फंगल इंफेक्शन हमेशा खतरनाक नहीं होता, लेकिन यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत जरूर हो सकता है। फंगल इंफेक्शन त्वचा, नाखून, मुंह, जननांग या शरीर के दूसरे हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। इसकी गंभीरता इंफेक्शन के प्रकार और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।

Fungal Infection: भारत में गंभीर फंगल बीमारियों का कितना असर-

साल 2022 में Open Forum Infectious Diseases में प्रकाशित एक स्टडी के अनुमान के अनुसार, भारत में करीब 5.72 करोड़ लोग गंभीर फंगल बीमारियों से प्रभावित थे। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की लगभग 4.1 प्रतिशत आबादी इससे प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट में बार-बार होने वाले वुल्वोवैजिनल कैंडिडिआसिस (RVVC) का भी जिक्र किया गया है, जो बड़ी संख्या में महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।

बार-बार फंगल इंफेक्शन होने के क्या कारण हैं-

डॉक्टर के मुताबिक, बार-बार फंगल इंफेक्शन होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे:

– ज्यादा पसीना आना और त्वचा में नमी रहना
– लंबे समय तक टाइट कपड़े पहनना
– संक्रमित व्यक्ति या सामान के संपर्क में आना
– तौलिया या कपड़े शेयर करना
– इलाज का कोर्स बीच में छोड़ देना
– डायबिटीज
– कमजोर इम्यून सिस्टम
– कुछ दवाओं का इस्तेमाल

दाद त्वचा, सिर की त्वचा और नाखूनों को भी प्रभावित कर सकता है। संक्रमित तौलिये, चादर या सीधे त्वचा के संपर्क में आने से यह फैल भी सकता है।

कब फंगल इंफेक्शन चिंता का विषय बन सकता है-

अगर फंगल इंफेक्शन बार-बार लौट रहा है या इलाज के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

– इंफेक्शन का बार-बार वापस आना
– दवा लेने के बाद भी सुधार न होना
– इंफेक्शन का तेजी से फैलना
– ज्यादा दर्द, सूजन या घाव होना
– त्वचा का फटना
– नाखून का मोटा, बदरंग या टूटना
– स्कैल्प इंफेक्शन के साथ बाल झड़ना
– डायबिटीज या कमजोर इम्यूनिटी होना
– इंफेक्शन का आंखों या फेफड़ों तक पहुंचना

हर खुजली या लाल चकत्ता फंगल इंफेक्शन नहीं-

डॉक्टर का कहना है कि त्वचा पर होने वाली हर खुजली या लाल चकत्ता फंगल इंफेक्शन नहीं होता। एक्जिमा, एलर्जी और दूसरी त्वचा संबंधी समस्याओं में भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बार-बार समस्या होने पर खुद से क्रीम बदलने के बजाय सही जांच करवाना जरूरी है। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर त्वचा या नाखून का सैंपल लेकर फंगल इंफेक्शन की पुष्टि कर सकते हैं।

बार -बार होने वाले इंफेक्शन में जांच क्यों जरूरी-

बार-बार होने वाले कैंडिडा इंफेक्शन में अलग-अलग प्रजातियां शामिल हो सकती हैं। कुछ प्रकार सामान्य एंटीफंगल दवाओं पर कम प्रतिक्रिया दे सकते हैं। ऐसे मामलों में डॉक्टर लक्षणों के आधार पर अतिरिक्त जांच की सलाह दे सकते हैं। सही कारण की पहचान होने के बाद इलाज को ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है।

फंगल इंफेक्शन दोबारा होने से कैसे बचें-

फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों का ध्यान रखना जरूरी है:

– त्वचा को साफ और सूखा रखें।
– पसीने वाले कपड़े जल्द बदलें।
– तौलिया और कपड़े शेयर न करें।
– पैरों और त्वचा में लंबे समय तक नमी न रहने दें।
– डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा का पूरा कोर्स करें।

डॉक्टर से कब संपर्क करें-

अगर फंगल इंफेक्शन बार-बार हो रहा है, इलाज के बाद वापस आ जाता है या दवा लेने के बावजूद सुधार नहीं हो रहा है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है

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