दिग्विजय दिवस: 11 सितंबर 1893 को शिकागो में गूंजे विवेकानंद के शब्द, 133 साल बाद भी क्यों जरूरी है उनका संदेश

133 साल बाद भी गूंजता है विवेकानंद का संदेश

स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण की 133वीं वर्षगांठ पर देशभर में उन्हें याद किया गया। उनके सहिष्णुता, मानवता, सेवा और विश्व बंधुत्व के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। दिग्विजय दिवस भारत की आध्यात्मिक विरासत, आत्मगौरव और दुनिया को जोड़ने वाली सोच का प्रतीक है।