Tamil Nadu Budget: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार अपने पहले पूर्ण बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं कर सकती है। सरकार छात्रों को आर्थिक सहायता, किसानों के बच्चों के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा और उच्च शिक्षा को आसान बनाने जैसी कई योजनाओं पर विचार कर रही है।
5 अगस्त को पेश होगा बजट
तमिलनाडु सरकार 5 अगस्त को विधानसभा में अपना बजट पेश करेगी। इसके अगले दिन यानी 6 अगस्त को कृषि बजट पेश किया जाएगा। बजट की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और राज्य के लोगों को इस पहले पूर्ण बजट से काफी उम्मीदें हैं।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार “वेट्री तमिलनाडु” नाम की पांच वर्षीय विजन योजना के तहत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और ज्यादा से ज्यादा छात्रों तक उच्च शिक्षा पहुंचाने के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा कर सकती है।
शिक्षा को राज्य सूची में लाने पर फिर जोर
सरकार अपने पुराने रुख को दोहराते हुए शिक्षा को फिर से ‘राज्य सूची’ में शामिल करने की मांग उठा सकती है। इसके साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और नीट (NEET) परीक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए भी अपनी रणनीति पेश कर सकती है।प्रस्तावों में अंडरग्रेजुएट से लेकर रिसर्च स्तर तक पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी वाला एजुकेशन लोन देने की योजना भी शामिल है। इससे उच्च शिक्षा हासिल करने वाले छात्रों को आर्थिक सहायता मिल सकती है।
छोटे किसानों के बच्चों को मुफ्त उच्च शिक्षा
सरकार ऐसे किसानों के बच्चों को मुफ्त उच्च शिक्षा देने पर भी विचार कर रही है, जिनके पास दो एकड़ से कम खेती योग्य जमीन है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर किसान परिवारों के बच्चों को पढ़ाई का बेहतर अवसर देना है।सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अंडरग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में आरक्षण बढ़ाने की तैयारी कर रही है। मौजूदा 7.5 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 10 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
नए इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना
राज्य के उन जिलों में पांच नए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना बनाई जा रही है, जहां अभी तक कोई सरकारी प्रोफेशनल कॉलेज नहीं है। इसके अलावा करीब 30 सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों को ऑटोनॉमस संस्थानों में बदला जा सकता है।सरकारी स्कूलों से पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्रों को एकमुश्त 8,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कॉलेज में प्रवेश के दौरान छात्रों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।
नई तकनीकों के लिए बनेगा विशेष संस्थान
सरकार ‘पेरियार इंस्टीट्यूट ऑफ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी’ की स्थापना करने पर भी विचार कर रही है। यह विशेष विश्वविद्यालय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में शिक्षा और शोध को बढ़ावा देगा।प्रस्तावित सभी योजनाएं सरकार के पांच वर्षीय शिक्षा रोडमैप का अहम हिस्सा मानी जा रही हैं। उम्मीद है कि बजट में इन योजनाओं के लिए फंडिंग, क्रियान्वयन और आगे की रणनीति से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।
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