UCC Bill: छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता टी. एस. सिंह देव ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे “उल्टी प्रक्रिया” बताया है।
“पहले कैबिनेट, फिर जनता से राय?”
टी. एस. सिंह देव का कहना है कि सामान्य तौर पर किसी भी कानून या नीति को कैबिनेट में लाने से पहले व्यापक स्तर पर चर्चा और जांच-पड़ताल की जाती है। लेकिन इस मामले में पहले कैबिनेट में यह संकेत दिया गया कि यूसीसी लागू किया जाएगा, और उसके बाद जनता की राय जानने के लिए समिति बनाने की बात कही जा रही है। उन्होंने इसे प्रक्रिया के उलट बताया।
UCC Bill: UCC पैनल पर भी सवाल
राज्य सरकार द्वारा यूसीसी पैनल की अध्यक्ष के रूप में रंजना प्रकाश देसाई की नियुक्ति पर भी उन्होंने निशाना साधा। उनका आरोप है कि यह कदम मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया है, न कि वास्तविक सुधार के लिए।
“असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा”
कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, अफीम की खेती, औद्योगिक दुर्घटनाएं, शिक्षा व्यवस्था और बिजली दरों जैसे कई गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे समय में यूसीसी का मुद्दा उठाना जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश हो सकती है।
UCC Bill: समाज से संवाद की जरूरत
टी. एस. सिंह देव ने यह भी कहा कि यूसीसी कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि यह संविधान में पहले से मौजूद है। उन्होंने जोर दिया कि समाज से जुड़े इतने संवेदनशील मुद्दे पर निर्णय लेने से पहले सभी वर्गों से व्यापक संवाद जरूरी है।
बिहार राजनीति पर भी टिप्पणी
बिहार में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह एक खास राजनीतिक सोच को दर्शाता है, जिसमें सत्ता पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाती है और अलग विचारों के लिए जगह कम होती है।
यूसीसी को लेकर छत्तीसगढ़ में बहस अब सिर्फ कानून तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रक्रिया, प्राथमिकताओं और राजनीतिक मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और गर्मा सकता है।
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