UP News: सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की रील बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान रील बनाना अनुशासनहीनता है और इससे व्यक्ति के साथ-साथ पूरे विभाग की छवि प्रभावित होती है। सीएम योगी ने कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने की नसीहत देते हुए कहा कि ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए, जिससे व्यवस्था या विभाग उपहास का विषय बने। उन्होंने यह बातें लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में की।
कंप्यूटर ऑपरेटर अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान
मुख्यमंत्री ने आज बुधवार को लोकभवन सभागार में आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज शासन और प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता का नया वातावरण बना है। भर्ती प्रक्रियाओं में न तो किसी प्रकार की सिफारिश चलती है और न ही भेदभाव के लिए कोई स्थान है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार भी पूर्ववर्ती सरकारों की तरह निर्णयों को टालती रहती, तो पुलिस विभाग में सवा दो लाख से अधिक भर्तियां संभव नहीं हो पातीं। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है। एक समय था जब त्योहारों और धार्मिक आयोजनों से पहले दंगों और कर्फ्यू की आशंका बनी रहती थी, लेकिन अब प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के किसी भी हिस्से में कर्फ्यू लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार बताते हुए कहा कि इसे लागू करने को लेकर लंबे समय तक अनावश्यक बाधाएं खड़ी की जाती रहीं, लेकिन सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाते हुए इसे लागू किया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
ड्यूटी के दौरान बहुत सारे लोग Reel बनाते रहते हैं,
ये अनुशासनहीनता है… pic.twitter.com/EWupV0wSDk
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 17, 2026
सीएम योगी ने कहा कि आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया गया है। पहले प्रदेश में साइबर अपराध से संबंधित केवल एक थाना था, जबकि अब प्रत्येक जिले में साइबर थाना संचालित हो रहा है। इससे साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों की धनराशि बचाने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक की सुरक्षा चुनौती बनी हुई थी, जबकि आज प्रदेश में आम नागरिक, महिलाएं और व्यापारी स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और प्रदेश देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। नवनियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनता के प्रति उत्तरदायित्व का अवसर है। सभी कर्मियों को अपने आचरण और कार्यशैली से विभाग की गरिमा बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
ये भी पढ़े… 2027 चुनाव से पहले ब्राह्मण कार्ड पर सपा का दांव, अखिलेश ने बुलाई अहम बैठक








