UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार द्वारा स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व पारदर्शिता को लेकर चलाए जा रहे सख्त अभियान के बीच लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक फर्जी डॉक्टर पकड़े जाने का मामला सामने आया है। प्रशासन की सतर्कता के चलते एक युवक, हस्साम अहमद, को परिसर में नकली पहचान के साथ डॉक्टर बनकर घूमते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
फर्जी पहचान के सहारे कर रहा था प्रवेश
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हस्साम अहमद नकली दस्तावेजों के आधार पर खुद को डॉक्टर बताकर मेडिकल कॉलेज परिसर में सक्रिय था। वह डॉक्टर की वर्दी में लगातार घूमता था और छात्रों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश करता था। केजीएमयू प्रशासन के अनुसार, आरोपी ने संस्थान के नाम से फर्जी लेटरहेड भी तैयार कर रखा था, जिस पर कथित रूप से जाली हस्ताक्षर किए गए थे।

केजीएमयू के डीन डॉ. केके सिंह ने बताया कि आरोपी के संपर्क में 20 से अधिक छात्र-छात्राएं पाए गए हैं। वह मेडिकल छात्रों को विभिन्न बहानों से प्रभावित करने और बहकाने का प्रयास कर रहा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में उसने एक कथित मेडिकल शिविर भी आयोजित किया था, जिसमें कुछ छात्र शामिल हुए थे। इसी गतिविधि के बाद प्रशासन को संदेह हुआ और निगरानी बढ़ाई गई।
UP News: पुलिस की गिरफ्त में हस्साम अहमद
मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने आरोपी को तत्काल पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना सहित गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही मामले की गहन जांच जारी है। राज्य सरकार की सख्त निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच इस तरह की घटना को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परिसर सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।








