Home » उत्तर प्रदेश » पापा को लाश छूने भी मत देना… तुम जीत गए, जीत मुबारक? 2 पेज का सुसाइड नोट लिख वकील बेटे ने कानपुर कचहरी की 5वीं मंजिल से कूदकर दी जान

पापा को लाश छूने भी मत देना… तुम जीत गए, जीत मुबारक? 2 पेज का सुसाइड नोट लिख वकील बेटे ने कानपुर कचहरी की 5वीं मंजिल से कूदकर दी जान

पांचवीं मंजिल से कूदा वकील

UP News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को अंदर तक हिला दिया है। गुरुवार दोपहर एक 23 वर्षीय युवा वकील ने कचहरी की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। इस घटना ने पूरे इलाके में सन्नाटा पसार दिया है। मृतक की पहचान प्रियांशु श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जो बर्रा-8 के वरुण विहार का निवासी था। बताया जा रहा है कि उसने हाल ही में लॉ की पढ़ाई पूरी की थी और अपने पिता के साथ वकालत की प्रैक्टिस शुरू की थी। बाहर से सब कुछ सामान्य दिखने वाली इस जिंदगी के भीतर कितना दर्द छिपा था, इसका अंदाजा उसके सुसाइड नोट से हुआ।

आखिरी शब्दों में बयां हुआ टूटता हुआ मन

आत्महत्या से ठीक पहले प्रियांशु ने दो पन्नों का सुसाइड नोट लिखा और उसे अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर साझा कर दिया। उसने लिखा कि अब तक जो कुछ मेरे साथ हुआ, उसके बाद इस तरह की जिंदगी जीने का कोई मतलब नहीं बचता… रोज-रोज घुटकर मरने से अच्छा है एक दिन मर जाना। उसने अपने बचपन की ऐसी घटनाओं का जिक्र किया, जिन्हें पढ़कर किसी का भी दिल दहल जाए। उसने लिखा कि महज 6 साल की उम्र में फ्रिज से आम का जूस पी लेने पर उसे निर्वस्त्र कर घर से बाहर भगा दिया गया। इसके बाद से ही डर, अपमान और मानसिक दबाव उसकी जिंदगी का हिस्सा बन गया।

मृतक प्रियांशु के स्टेटस पर लगा सुसाइड नोट का ये पहला पेज है।

UP News: टूटता गया आत्मविश्वास

प्रियांशु ने अपने नोट में बताया कि उसे हर वक्त शक की नजर से देखा जाता था, उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जाती थी, हर मिनट का हिसाब मांगा जाता था। पढ़ाई को लेकर इतना दबाव था कि हाईस्कूल के रिजल्ट से पहले उसे धमकाया गया कि अगर नंबर कम आए तो फिर से अपमानित किया जाएगा। उसने लिखा कि वह कई बार इस माहौल से बाहर निकलकर सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश करता रहा, लेकिन 23 साल की उम्र तक उसके साथ जो कुछ हुआ, उसने उसे पूरी तरह तोड़ दिया।

अपने आखिरी शब्दों में प्रियांशु ने लिखा कि मैं हार गया, पापा जीत गए… मेरी लाश को मेरे पापा छू भी न पाएं… लव यू मम्मी। उसने समाज और माता-पिता से अपील की कि बच्चों पर उतना ही दबाव डालें, जितना वे सह सकें, वरना इसके परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं।

15 मिनट बैठने के बाद लगाई छलांग

गुरुवार दोपहर प्रियांशु कचहरी परिसर पहुंचा और पांचवीं मंजिल पर एक टूटी खिड़की के पास जाकर बैठ गया। करीब 15 मिनट तक वहां बैठने के बाद उसने नीचे छलांग लगा दी। तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे तो वह खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। जिसे तुरंत उर्सला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

प्रियांशु श्रीवास्तव
                                                                                                       प्रियांशु श्रीवास्तव मृतक

मामले में पुलिस ने जांच की तो पुलिस को उसके मोबाइल से सुसाइड नोट मिला, जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है। नोट में पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव की बात सामने आई है। फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हर पहलू से जांच शुरू कर दी है। साथी वकीलों के मुताबिक, प्रियांशु बाहर से बिल्कुल सामान्य दिखता था। उसने कभी अपने अंदर चल रहे इस तूफान का जिक्र किसी से नहीं किया। यही बात इस घटना को और भी ज्यादा दर्दनाक बना देती है।

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