UP News: डॉ. राजेंद्र पैंसिया को मुरादाबाद का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके तबादले के बाद संभल में जिला कलेक्ट्रेट बहजोई सभागार में एक भव्य और भावुक विदाई समारोह आयोजित किया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके 672 दिनों के कार्यकाल को याद करते हुए उनके कामकाज की सराहना की।
अधिकारियों ने गाड़ी को दिया धक्का
सोमवार रात करीब 10 बजे आयोजित इस समारोह में एसपी कृष्ण विश्नोई, एडीएम प्रदीप वर्मा, एएसपी मनोज कुमार रावत समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विदाई के दौरान एक अनोखी परंपरा निभाई गई, जिसमें अधिकारियों ने स्वयं उनकी गाड़ी को धक्का देकर उन्हें सम्मानपूर्वक विदा किया। यह पल पूरे समारोह का सबसे भावुक दृश्य बन गया।

UP News: कार्यकाल की शुरुआत से ही रहे चर्चा में
डॉ. पैंसिया ने 24 जून 2024 को संभल के डीएम का कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान कई बड़े और संवेदनशील फैसले लिए गए। खासतौर पर 24 नवंबर 2024 को श्रीहरिहर मंदिर और शाही जामा मस्जिद से जुड़े विवादित सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद उनकी प्रशासनिक शैली और धार्मिक मामलों में सक्रिय भूमिका को लेकर प्रदेशभर में चर्चा हुई। उनके नेतृत्व में संभल के 68 तीर्थ स्थलों और 19 प्राचीन कूपों के संरक्षण के लिए श्रीकल्कि त्रिनेत्र देवतीर्थ समिति का गठन किया गया। इस पहल को सांस्कृतिक विरासत को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।
विकास और प्रशासनिक सख्ती दोनों पर फोकस
डॉ. पैंसिया के कार्यकाल में प्रशासनिक सख्ती भी देखने को मिली। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया, जिसमें अवैध रूप से बनी मस्जिदों, मदरसों, दरगाहों और अन्य निर्माणों को हटाया गया। साथ ही बिजली चोरी के खिलाफ चलाए गए अभियान से सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये के नुकसान से बचाया गया। उनके कार्यकाल की सबसे चर्चित उपलब्धियों में से एक श्रीकार्तिकेय महादेव मंदिर का पुनः उद्घाटन रहा, जो करीब 46 वर्षों से बंद पड़ा था। 14 दिसंबर 2024 को मंदिर के कपाट खोले गए, जिससे क्षेत्र में व्यापक चर्चा हुई। डॉ. पैंसिया ने नियमों के उल्लंघन के मामलों में सख्ती दिखाते हुए सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास पर भी कार्रवाई की। बिना नक्शा पास कराए निर्माण को लेकर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया और अवैध हिस्सों को हटाया गया।

UP News: नई पहचान की ओर संभल
7 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आनंदपुर गांव को संभल जिले का स्थायी मुख्यालय घोषित किया, जो जिले के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव माना गया। इसके अलावा, शहर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई विकास कार्य किए गए। विवादित स्थल के सामने सत्यव्रत पुलिस चौकी का निर्माण कराया गया, जबकि नगर पालिका परिषद क्षेत्र में अटल बाल उद्यान पार्क का निर्माण किया गया, जिसका नाम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर रखा गया। चतुर्मुख कूप और अन्य ऐतिहासिक संरचनाओं का भी जीर्णोद्धार कराया गया।
कुर्सी से इंसान की नहीं … इंसान से कुर्सी की पहचान हो… ऐसा काम आपने संभल में किया। You will be dearly missed ! pic.twitter.com/XOIfXFDRBe
— Krishan Bishnoi (@Krishan_IPS) May 4, 2026
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