UP News: उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में एक साथ दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। विश्व पर्यावास दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में यूपी को PMAY-U के लाभार्थी आधारित आवास निर्माण (BLC) में स्वीकृत मकानों के मुकाबले सबसे ज्यादा आवास पूरे करने के लिए पहला स्थान मिला। वहीं PMAY-U 2.0 में स्वीकृत मकानों के मुकाबले सबसे ज्यादा प्रतिशत आवासों की ग्राउंडिंग के मामले में प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा। दोनों पुरस्कार 5 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से दिए गए। खास बात यह है कि पुरानी योजना में निर्माण पूरा करने की उपलब्धि के साथ नई योजना के शुरुआती क्रियान्वयन में भी यूपी की स्थिति राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हुई है।
यूपी को कौन-कौन से दो पुरस्कार मिले?
पहला पुरस्कार PMAY-U के BLC घटक में मिला है। इसमें उन आवासों को देखा गया जिनका निर्माण सीधे लाभार्थी के स्तर पर किया जाता है। केंद्र सरकार की पुरस्कार सूची के अनुसार स्वीकृत आवासों के मुकाबले सर्वाधिक पूर्णता के मामले में राज्यों में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर रहा। गुजरात दूसरे और मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर रहे। दूसरा पुरस्कार PMAY-U 2.0 में ग्राउंडिंग के लिए मिला। यहां ग्राउंडिंग का मतलब स्वीकृत आवासों के निर्माण को धरातल पर शुरू कराना है। इस श्रेणी में आंध्र प्रदेश पहले, बिहार दूसरे और उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा। यानी यूपी की उपलब्धि को दो अलग चरणों में देखा जा सकता है जहाँ एक तरफ पहले से स्वीकृत मकानों को पूरा करने की गति और दूसरी तरफ नई योजना के तहत निर्माण शुरू कराने की प्रगति है।
नई योजना में भी यूपी ने शुरुआत से पकड़ी रफ्तार
PMAY-U 2.0 में यूपी के लिए 2026-27 के दौरान केंद्र से वित्तीय सहायता जारी होने का सिलसिला भी जारी है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के रिकॉर्ड के अनुसार जुलाई 2026 में यूपी के 23,945 मकानों के लिए 143.67 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी करने की मंजूरी दी गई। इससे पहले जून में 1,16,884 मकानों के लिए 701.304 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त का हिस्सा जारी किया गया था। सितंबर 2026 में भी यूपी के लिए PMAY-U के तहत परियोजनाओं और जियो-टैगिंग से जुड़ी मदों में केंद्रीय सहायता की स्वीकृतियां दर्ज हुई हैं। इससे साफ है कि PMAY-U 2.0 केवल घोषणा के स्तर पर नहीं है, बल्कि स्वीकृति, वित्तीय सहायता और निर्माण की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रही है।

UP News: मार्च में 90 हजार लाभार्थियों को मिली थी पहली किस्त
PMAY-U 2.0 के क्रियान्वयन में यूपी सरकार ने मार्च 2026 में भी बड़ा कदम उठाया था। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी की अप्रैल 2026 की आधिकारिक समाचार-पत्रिका के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 मार्च को 90 हजार लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में कुल 900 करोड़ रुपये की सहायता डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित की थी। यानी प्रति लाभार्थी पहली किस्त 1 लाख रुपये के हिसाब से दी गई। उस समय लाभार्थियों को मकान निर्माण शुरू करने और आगे की किस्त समय पर हासिल करने के लिए निर्माण प्रक्रिया तेजी से पूरा करने की बात कही गई थी। यह वही PMAY-U 2.0 है, जिसमें अब यूपी को स्वीकृत मकानों की ग्राउंडिंग के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान मिला है।
पुराने आवास पूरे करने से लेकर नई योजना तक क्या बदला?
पीएम आवास योजना-शहरी का पैमाना केवल नए मकानों की स्वीकृति से नहीं मापा जाता। स्वीकृत मकान का निर्माण शुरू होना, निर्माण पूरा होना और लाभार्थी तक उसका पहुंचना, यह सभी चरण योजना के वास्तविक परिणाम को तय करते है। केंद्र के मौजूदा PMAY-U आंकड़ों में देशभर में योजना के तहत 1.27 करोड़ से ज्यादा मकान स्वीकृत, करीब 1.21 करोड़ मकान निर्माणाधीन और लगभग 99 लाख मकान पूरे बताए गए हैं। इसी व्यापक व्यवस्था में यूपी का पहला राष्ट्रीय पुरस्कार यह बताता है कि राज्य ने स्वीकृत BLC आवासों को पूरा करने की दर में शीर्ष प्रदर्शन किया है। दूसरी ओर PMAY-U 2.0 में तीसरा स्थान बताता है कि नई योजना के तहत निर्माण शुरू कराने की प्रक्रिया भी गति पकड़ चुकी है।
UP News: निगरानी और जमीनी क्रियान्वयन पर जोर
यूपी सरकार की ओर से जारी आधिकारिक नोट में इस उपलब्धि को नगर विकास विभाग की लगातार निगरानी और अधिकारियों-कर्मचारियों के समन्वित प्रयास से जोड़ा गया है। पुरस्कार राज्य नगरीय विकास अभिकरण यानी सूडा के निदेशक महेंद्र बहादुर सिंह ने ग्रहण किए। यहां एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि PMAY-U 2.0 में केंद्र सरकार ने जियो-टैगिंग, डिजिटल व्यवस्था और लाभार्थी अनुभव को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। विश्व पर्यावास दिवस के कार्यक्रम में मंत्रालय ने योजना के मोबाइल ऐप और संशोधित वेबसाइट भी शुरू कीं, ताकि योजना की जानकारी और लाभार्थी सेवाओं तक पहुंच बेहतर हो सके।
शहरों में पक्के घर की जरूरत का बड़ा सवाल
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और तेजी से शहरीकरण वाले राज्य में आवास की जरूरत केवल मकान बनाने तक सीमित नहीं है। शहरों में कम आय वाले परिवारों के लिए जमीन, निर्माण लागत, वित्तीय सहायता और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियां भी साथ चलती हैं। इसी वजह से PMAY-U में अब निर्माण की संख्या के साथ समय पर क्रियान्वयन, जियो-टैगिंग, वित्तीय सहायता और आवास पूरा होने जैसे चरणों पर भी जोर बढ़ रहा है। यूपी को मिले दोनों पुरस्कार इस पूरी प्रक्रिया के दो अलग हिस्सों में उसके प्रदर्शन को रेखांकित करते हैं। 5 अक्टूबर का राष्ट्रीय सम्मान इसलिए महज एक पुरस्कार की खबर नहीं है। इसके आंकड़े बताते हैं कि यूपी ने PMAY-U में पहले स्वीकृत आवासों को पूरा करने में राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है, जबकि PMAY-U 2.0 के शुरुआती निर्माण कार्यों में भी प्रदेश शीर्ष तीन राज्यों में शामिल हुआ है।
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