UPI Bill: देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। लोकसभा ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (संशोधन) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया है। इस विधेयक के पास होने के बाद अब केंद्र सरकार को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह तय करे कि किन डिजिटल भुगतान माध्यमों पर शुल्क या मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किया जाए। हालांकि फिलहाल यूपीआई लेनदेन पर कोई नया शुल्क लागू नहीं हुआ है और सरकार की अधिसूचना के बाद ही अंतिम निर्णय प्रभावी होगा।
क्या बदलेगा नया नियम?
अब तक लागू व्यवस्था के अनुसार यूपीआई और सरकार द्वारा अधिसूचित कुछ डिजिटल भुगतान माध्यमों पर बैंक या पेमेंट सेवा प्रदाता ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकते थे। लेकिन नए संशोधन के बाद केंद्र सरकार आवश्यकता के अनुसार अधिसूचना जारी कर यह तय कर सकेगी कि किन इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणालियों पर शुल्क लिया जाएगा। यानी भविष्य में यूपीआई समेत अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों पर शुल्क लगाने का कानूनी प्रावधान उपलब्ध हो गया है।
UPI Bill: सरकार ने क्यों किया बदलाव?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में इस संशोधन का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि देश का डिजिटल भुगतान ढांचा तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और भुगतान प्रणाली संचालित करने वाली संस्थाओं के लिए टिकाऊ राजस्व मॉडल आवश्यक है। लंबे समय तक पूरी तरह मुफ्त सेवाएं उपलब्ध कराने से इन संस्थाओं पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इसी कारण भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह संशोधन लाया गया है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
फिलहाल आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। अभी यह तय नहीं किया गया है कि यूपीआई पर कब, कितना और किस प्रकार का शुल्क लगाया जाएगा। माना जा रहा है कि यदि भविष्य में मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू किया जाता है, तो इसका प्रभाव मुख्य रूप से व्यापारियों के साथ होने वाले बड़े मूल्य के डिजिटल लेनदेन पर पड़ सकता है। आम नागरिकों के बीच होने वाले व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान पहले की तरह निशुल्क बने रहने की संभावना है।
UPI Bill: अंतिम फैसला सरकार की अधिसूचना से होगा
संशोधन विधेयक पारित होने के बाद अब अगला कदम केंद्र सरकार की अधिसूचना होगी। सरकार परिस्थितियों और डिजिटल भुगतान व्यवस्था की जरूरतों के आधार पर यह तय करेगी कि किन माध्यमों पर शुल्क लगाया जाए और उसकी सीमा क्या हो। इसलिए फिलहाल यूपीआई उपयोगकर्ताओं के लिए कोई तत्काल बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले समय में डिजिटल भुगतान से जुड़े नियमों में बदलाव की संभावना जरूर बढ़ गई है।
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