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Us-iran ceasefire: युद्धविराम के बावजूद क्यों हाई अलर्ट पर है इजरायली सेना ? सभी मोर्चों पर लड़ने को तैयार

Us-iran ceasefire: युद्धविराम के बावजूद क्यों हाई अलर्ट पर है इजरायली सेना ? सभी मोर्चों पर लड़ने को तैयार
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Us-iran ceasefire:: पश्चिम एशिया संकट का हल फिलहाल नहीं निकला है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने 2 हफ्ते के अस्थायी संघर्ष विराम की मियाद को बढ़ा दिया है। ट्रंप ने बुधवार को इसका ऐलान किया कि ईरान की ओर से प्रस्ताव पेश किए जाने तक वो सीजफायर को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इसका क्रेडिट पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को दिया। इस सबके बीच इजरायल की आधिकारिक सेना आईडीएफ (Israel Defense Forces – IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने अपनी सेना को किसी भी परिस्थिति में तैयार रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि ईरान और लेबनान में नाज़ुक युद्धविराम के बीच, सेना हाई अलर्ट पर है और सभी मोर्चों पर लड़ाई के लिए तैयार है।

 पूरी ताकत से लड़ने को तत्पर इजरायल 

बुधवार को राष्ट्रपति के घर पर इजरायली स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानित किए गए 120 बेहतरीन सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “7 अक्टूबर की आग के बाद से, हम लगातार लड़ाई के जरिए अपनी सैन्य ताकत को फिर से बढ़ाने का काम कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि गाजा में, आईडीएफ “हमास के खिलाफ लड़ाई में जीती — और इस कमांड को बनाए रखा: ‘हमने किसी को नहीं बख्शा।'”
सैनिकों का हौसला बढ़ाते हुए जमीर ने आगे कहा, “इस समय, हम उत्तरी समुदायों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लेबनान में जोरदार लड़ाई लड़ रहे हैं।” उन्होंने ईरान के साथ जून 2025 और हाल ही में हुए 40-दिन के संघर्ष के बारे में कहा, “ईरान के खिलाफ लड़ाई में भी ऐसा ही है। इस समय, आईडीएफ पूरी तरह अलर्ट और तैयार है, और सभी सेक्टरों में तुरंत और पूरी ताकत से लड़ने के लिए तत्पर है।”

Us-iran ceasefire: ईरान ने भी की अपनी सेना की प्रशंसा

एक तरफ इजरायल अपने को मजबूत बता रहा है, तो दूसरी ओर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की स्थापना की वर्षगांठ पर ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ, मेजर जनरल अमीर हातामी ने भी संदेश जारी किया। उन्होंने अपनी सेना के शौर्य पराक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा, “आठ साल के ‘पवित्र’ युद्ध और इजरायली-अमेरिकी शासन की ओर से थोपी गई जंग में आईआरजीसी ने सशक्त भूमिका निभाई। इस दौरान संस्था की सेनाओं की क्षमता, बुद्धिमत्ता और जिहादी भावना को प्रदर्शित किया गया। इस भूमिका ने एक बार फिर दुनिया के सामने इस्लामिक गणराज्य ईरान की डिफेंस पावर को सिद्ध कर दिया है।”
उन्होंने दावा किया कि आईआरजीसी सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर, अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई की कमान में इस्लामी सरजमीं की “क्षेत्रीय अखंडता को हर हाल में सुरक्षित रहने की गारंटी देती है।”

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