Vaishno Devi: वैष्णो देवी की 550 करोड़ की चांदी पर विवादमाता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई चांदी को लेकर विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। करीब 20 टन चांदी, जिसकी अनुमानित कीमत 550 करोड़ रुपये बताई गई, उसके परीक्षण के बाद कथित तौर पर बड़ी मात्रा में दूसरी धातुओं के पाए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद एक शिकायत में चांदी में मिलावट, अदला-बदली और गड़बड़ी के आरोप लगाए गए और FIR दर्ज करने की मांग की गई। शिकायत के कई महीने बाद भी FIR को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है।
20 टन चांदी में क्या मिला?
विवाद की शुरुआत उस प्रक्रिया से हुई, जिसमें श्राइन बोर्ड की ओर से जमा चांदी को पिघलाने और परीक्षण के लिए भेजा गया था। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 20 टन सामग्री में केवल 5 से 6 प्रतिशत तक वास्तविक चांदी पाए जाने की बात सामने आई। बाकी सामग्री में कैडमियम, लोहा और अन्य धातुओं की मौजूदगी का दावा किया गया। इसी के बाद सवाल उठा कि आखिर श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई सामग्री में इतनी बड़ी मात्रा में दूसरी धातुएं कैसे पहुंचीं। हालांकि, इस पूरे मामले में वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी जांच का विषय है।
Vaishno Devi: शिकायत में क्या आरोप लगाए गए?
वकील दीपक शर्मा ने 9 मई 2026 को जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को शिकायत देकर FIR दर्ज करने और जांच की मांग की थी। शिकायत में कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, गबन और रिकॉर्ड में हेरफेर जैसे आरोपों की जांच की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या श्रद्धालुओं ने अनजाने में ऐसी सामग्री चढ़ाई थी या वास्तविक चांदी को बदलने अथवा उसके गबन की कोई संभावना थी।
चार महीने बाद भी FIR क्यों नहीं?
क्राइम ब्रांच की ओर से अदालत में बताया गया कि शिकायत को आगे कार्रवाई के लिए संबंधित विभागीय स्तर पर भेजा गया है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की जानी चाहिए थी। इसी कार्रवाई को लेकर असंतोष के बाद मामला जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत पहुंचा। अदालत ने जांच अधिकारी को रिकॉर्ड के साथ पेश होने और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
Vaishno Devi: कोर्ट की दखल के बाद क्या होगा?
अदालत ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड और जांच की प्रगति को लेकर क्राइम ब्रांच से जानकारी मांगी है। जांच में चांदी के संग्रह, भंडारण, परिवहन, परीक्षण और उससे जुड़े दस्तावेजों के साथ CCTV और अन्य रिकॉर्ड भी अहम हो सकते हैं। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि चांदी वास्तव में श्रद्धालुओं की ओर से ही मिलावटी रूप में चढ़ाई गई थी या किसी स्तर पर उसमें बदलाव हुआ। जांच और अदालत की आगे की कार्यवाही से ही इन सवालों का जवाब सामने आएगा।
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