Vande Mataram Bill: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को कानूनी संरक्षण देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसे सामान्य तौर पर ‘वंदे मातरम् बिल’ कहा जा रहा है। इससे पहले यह विधेयक राज्यसभा से भी पारित हो चुका है। अब दोनों सदनों की मंजूरी मिलने के बाद इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा।
‘वंदे मातरम्’ को मिलेगा कानूनी संरक्षण
इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ की तरह कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है। इसके तहत राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संबंधी मौजूदा कानून में संशोधन किया जाएगा। नया कानून लागू होने के बाद यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करता है या इसके गायन में बाधा उत्पन्न करता है, तो इसे दंडनीय अपराध माना जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सम्मान और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है।
Vande Mataram Bill: अपमान करने पर 3 साल तक की जेल
प्रस्तावित कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने या इसके गायन में जानबूझकर व्यवधान डालने का दोषी पाया जाता है, तो उसे अधिकतम तीन वर्ष तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजाएं दी जा सकती हैं। सरकार ने यह विधेयक ऐसे समय लाया है जब देश में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय गीत के सम्मान को कानूनी सुरक्षा देना समय की आवश्यकता है।
नए नियमों में क्या-क्या होगा?
विधेयक के साथ ‘वंदे मातरम्’ के गायन से जुड़े कुछ दिशा-निर्देश भी तय किए गए हैं। इसके अनुसार सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ से की जाएगी। सभी छह अंतरों का निर्धारित समय में गायन करने का प्रावधान रखा गया है। गायन के दौरान सभी लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़ा रहना होगा। इसके अलावा स्कूलों में प्रार्थना से पहले भी ‘वंदे मातरम्’ गाने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान और अनुशासन की भावना को मजबूत करना है।
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