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वंदे मातरम पर मायावती की दो टूक, बोली- ‘बहस सही नहीं, जनहित के मुद्दों पर ध्यान दें राजनीतिक दल’

Mayawati blunt statement the politics over Vande Mataram

Vande Mataram: वंदे मातरम के गायन को लेकर देश में चल रही राजनीतिक बहस के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर राजनीति करना उचित नहीं है। मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ सभी राजनीतिक दलों से बेरोजगार युवाओं, छात्र-छात्राओं और बाढ़ से हो रही जान-माल की क्षति जैसे गंभीर जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की।

जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने की अपील

दरअसल, आज मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि देश में वंदे मातरम गायन को पूरा गाना है या शुरू के दो छंद (पैरा) गाना है या नहीं गाना है, इसको लेकर जो इस समय में देश में राजनीति चल रही है, वह ठीक नहीं है और इस मामले में हमारी पार्टी का यही कहना है कि वंदे मातरम गायन को लेकर अभी हाल ही में संसद में जो कानून पास किया गया है यह कोई पहली बार ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्योंकि केंद्र एवं राज्यों में भी सत्ता परिवर्तन के दौरान सभी पार्टियां अपने राजनीतिक स्वार्थ के हिसाब से या फिर अपनी कमियों पर से जनता का ध्यान बांटने के लिए यह सब करती रहती हैं अर्थात एक-दूसरे के बने कानूनों को बदलती रहती हैं।

Vande Mataram: वंदे मातरम सोनिया ने रोकने की कोशिश की 

जबकि इस समय देश और जनहित के मुद्दों पर खासकर बेरोजगार युवाओं तथा छात्र-छात्राओं ‘जेन-जी’ एवं स्कूली बच्चे-बच्चियों की ‘जेन-अल्फा’ एवं इस समय देश के कुछ भागों में भयंकर आई बाढ़ से हो रही जान-माल की हानि आदि के अनेकों और भी अति-महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र व सभी राज्य सरकारों को तथा साथ ही सभी राजनीतिक पार्टियों को भी सही से समुचित ध्यान देना चाहिए, यही वर्तमान में देश व जनहित में समय की सबसे जरूरी मांग भी है। वंदे मातरम को लेकर भाजपा और कांग्रेस में विवाद 15 अगस्त को शुरू हुआ। भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय के स्वतंत्रता दिवस समारोह का वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि पूरा वंदे मातरम गाए जाने के दौरान सोनिया गांधी ने इसे रोकने की कोशिश की और राहुल गांधी भी असहज दिखे।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरा वंदे मातरम गाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी का इशारा गीत रोकने के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय से खड़े कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मांगने को लेकर था।

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