Voter List Name Deletion: अगर SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के बाद आपका नाम वोटर लिस्ट से कट गया है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने ऐसे लोगों के लिए जरूरी स्पष्टीकरण और गाइडलाइन जारी की है, जिनका नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन ड्राफ्ट SIR लिस्ट में शामिल नहीं हो पाया। आयोग के मुताबिक, ऐसे पात्र मतदाता दोबारा अपना नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं। खास बात यह है कि पहले से रजिस्टर्ड मतदाताओं को केवल इस आधार पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
Voter List Name Deletion: नाम कटने के बावजूद फॉर्म-6 भरने में क्यों हो रही थी हिचकिचाहट?
SIR अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, मृत मतदाताओं, डुप्लीकेट नामों और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। वहीं, विपक्षी दलों का दावा है कि इस अभियान के दौरान देशभर में करीब 13 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं, जबकि वे पहले से मतदान करते आ रहे थे।
इस मुद्दे को लेकर पहले भी चुनाव आयोग ने ऐसे लोगों को फॉर्म-6 भरने का सुझाव दिया था। हालांकि, इस पर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में सवाल उठाया गया कि फॉर्म-6 में आवेदक को यह घोषणा करनी होती है कि उसका नाम पहली बार मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है।
ऐसे में पहले से रजिस्टर्ड मतदाताओं को डर था कि फॉर्म-6 भरने पर उनकी घोषणा को झूठा माना जा सकता है और उन पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
Voter List Name Deletion: चुनाव आयोग ने कोर्ट में क्या दिया स्पष्टीकरण?
चुनाव आयोग ने दिल्ली हाईकोर्ट में स्पष्ट किया कि अगर किसी वैध मतदाता का नाम SIR के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है तो वह अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 जमा कर सकता है।
आयोग ने यह भी कहा कि केवल फॉर्म-6 भरने के आधार पर यह नहीं माना जाएगा कि आवेदक ने झूठी घोषणा की है। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि फॉर्म-6 जमा करने पर झूठी घोषणा के आधार पर कार्रवाई होने की आशंका निराधार है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को कानून के अनुसार फॉर्म-6 जमा करने की छूट भी दी।
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए किन शर्तों का करना होगा पालन?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद चुनाव आयोग ने इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। आयोग के मुताबिक, पहले से रजिस्टर्ड मतदाता का नाम अगर SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से छूट जाता है तो वह दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 दाखिल कर सकता है।
हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी शर्तों का पालन करना होगा:
– आवेदक पहले से किसी मतदाता सूची में रजिस्टर्ड रहा हो।
– उसका नाम किसी दूसरे संसदीय या विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से शामिल न हो।
– फॉर्म-6 में की गई घोषणा कानून के प्रावधानों के अनुसार हो।
– पात्र मतदाता के खिलाफ केवल फॉर्म-6 जमा करने के आधार पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों को दिए निर्देश
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को निर्देश दिया है कि इस स्पष्टीकरण का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसका उद्देश्य उन पात्र मतदाताओं की मदद करना है, जिनका नाम किसी वजह से SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाया। आयोग की इस गाइडलाइन से ऐसे लोगों को दोबारा मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाने का रास्ता साफ हो सकेगा।
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