West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुरुवार को होने वाले मतदान में करीब 3.6 करोड़ मतदाता 16 जिलों की 152 सीटों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चरण के लिए लगभग 44 हजार मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जिससे इस बार चुनाव को हाई-स्टेक मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है।
कड़ा मुकाबला और उम्मीदवारों की संख्या
पहले चरण में सत्तारूढ़ दल और मुख्य विपक्ष के बीच सीधा मुकाबला कई सीटों पर देखने को मिलेगा। अनुमान है कि कम से कम 80 सीटों पर मुख्य टक्कर दो बड़े दलों के बीच होगी, जबकि कुछ स्थानों पर बहुकोणीय मुकाबला भी देखने को मिल सकता है। इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे चुनावी प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प हो गई है।
West Bengal: सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
चुनाव आयोग ने सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया है। करीब 2,407 केंद्रीय सशस्त्र बलों की कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें 2.4 लाख से अधिक जवान शामिल हैं। इसके अलावा 7,384 मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है, जहां अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। त्वरित प्रतिक्रिया दल भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मतदाता सूची और सुविधाओं पर विवाद
इस चुनाव में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया है। लाखों नाम सूची से हटाए जाने को लेकर अलग-अलग दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। वहीं आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं की हैं, जिनमें ब्रेल युक्त मतदान मशीनें, रैंप और प्राथमिकता कतार शामिल हैं। शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल-फ्री नंबर और ईमेल सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे मतदाता आसानी से अपनी समस्या दर्ज कर सकें
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