West Bengal: पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर बढ़ती हिंसा और राजनीतिक तनाव पर आरजेडी सांसद Manoj Jha ने गंभीर चिंता जताई है। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य में चुनावी माहौल लगातार हिंसक होता जा रहा है और इसके लिए सीधे तौर पर चुनाव आयोग जिम्मेदार है। उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि समय के साथ इसकी निष्पक्षता और प्रभावशीलता में गिरावट देखने को मिली है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठे सवाल
मनोज झा ने कहा कि Election Commission of India के इतिहास में गिरावट आई है। उन्होंने पहले मुख्य चुनाव आयुक्त Sukumar Sen का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय संस्थाओं की विश्वसनीयता अधिक थी। उन्होंने टीएमसी सांसद Derek O’Brien के बयान का हवाला देते हुए कहा कि आयोग की बैठकों में संवाद की कमी है और सिर्फ औपचारिक सुनवाई होती है, वास्तविक संवाद नहीं।
West Bengal: राजनीतिक भाषा और सोशल मीडिया पर चिंता
असम में राजनीतिक बयानबाजी के गिरते स्तर पर भी झा ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में राजनीतिक भाषा की गरिमा में भारी गिरावट आई है। उनके अनुसार सोशल मीडिया के एल्गोरिदम और तात्कालिक लोकप्रियता की चाह ने इस प्रवृत्ति को और बढ़ावा दिया है, जिससे लोकतांत्रिक संवाद प्रभावित हो रहा है।
असम पुलिस कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया
असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद दिल्ली में Pawan Khera के घर पर असम पुलिस की कार्रवाई को झा ने अनुचित बताया। उन्होंने इसे “चुनिंदा आक्रोश” करार देते हुए कहा कि कानून का समान रूप से पालन होना चाहिए। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम पर उन्होंने उम्मीद जताई कि यह स्थायी शांति की दिशा में एक कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्यता को खत्म करना संभव नहीं है और विश्व को अब शांति और स्थिरता की ओर बढ़ना चाहिए।








