Women Empowerment India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की नारी शक्ति देश के विकास की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि आज देश की माताएं, बहनें और बेटियां अपनी प्रतिभा, मेहनत और कौशल के दम पर हर क्षेत्र में भारत का नाम रोशन कर रही हैं।
महिला-नेतृत्व वाले विकास पर सरकार का जोर
शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में एनडीए सरकार ने महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने बताया कि इन प्रयासों का असर देश के विभिन्न क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, महिलाओं की भागीदारी अब केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे वित्तीय समावेशन, उद्यमिता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, आवास, खेल, विज्ञान और सुशासन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी अहम योगदान दे रही हैं।
सम्मान और सशक्तिकरण पर आधारित पहलें
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की सभी योजनाएं और पहलें महिलाओं को सम्मान देने, उन्हें अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। इन प्रयासों ने ऐसा माहौल बनाया है, जहां महिलाएं अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सकें और राष्ट्र निर्माण में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।
विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें यह देखकर विशेष खुशी होती है कि भारत की महिलाएं विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार जैसे आधुनिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।उन्होंने बताया कि ड्रोन तकनीक जैसे नए और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नए अवसर पैदा कर रही है। इससे न केवल महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है, बल्कि देश के विकास को भी नई गति मिल रही है।
स्वयं सहायता समूहों को मिल रहा सरकार का समर्थन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) को लगातार समर्थन दे रही है। ये समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इनके माध्यम से महिलाएं रोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त कर रही हैं।एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि भारत की नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने लिखा कि देश की माताएं, बहनें और बेटियां अपनी असाधारण प्रतिभा और क्षमता से मां भारती का गौरव बढ़ा रही हैं।
उन्होंने संस्कृत श्लोक साझा करते हुए लिखा-
“नारी त्रैलोक्यजननी, नारी त्रैलोक्यरूपिणी।
नारी त्रिभुवनाधारा, नारी शक्तिस्वरूपिणी।”
Women Empowerment India: क्या है इस श्लोक का अर्थ?
इस संस्कृत सुभाषितम् का अर्थ है कि नारी तीनों लोकों की जननी है। वही तीनों लोकों की अभिव्यक्ति भी है। संपूर्ण संसार का आधार नारी ही है और वही शक्ति का वास्तविक स्वरूप मानी जाती है। प्रधानमंत्री ने इस श्लोक के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
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